फोटो 16जेएनडी16-हिंदू कन्या महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं और स्टाफ। स्रोत
जींद। हिंदू कन्या महाविद्यालय की लीगल लिटरेसी सेल की ओर से बुधवार को विश्व ओजोन दिवस पर पर्यावरण संरक्षण और ओजोन परत क्षरण कानूनी जागरूकता विषय पर विशेष जागरूकता व्याख्यान हुआ। इसका प्राचार्य डॉ. पूनम मोर ने किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से अधिवक्ता शिवम सिंह मधान ने छात्राओं को बताया कि ओजोन परत पृथ्वी के वायुमंडल में मौजूद एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच है जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों को पृथ्वी तक पहुंचने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ओजोन परत को नुकसान पहुंचने से मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है जिसमें त्वचा कैंसर और आंखों से संबंधित बीमारियां शामिल हैं।
मुख्य वक्ता ने छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986, वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम, 1981 तथा मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए कानूनों की जानकारी के साथ आमजन की भागीदारी भी जरूरी है। संयोजिका डॉ. पिंकी ने छात्राओं को पर्यावरण कानूनों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि युवा वर्ग पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
प्राचार्य डॉ. पूनम मोर ने छात्राओं से पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य वक्ता एडवोकेट शिवम सिंह मधान को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर लीगल लिटरेसी सेल की सदस्य डॉ. नीलम, पूनम सिंगरोहा और राखी मौजूद रही।