ऑक्सीजन प्लांट का फाइल फोटो। संवाद
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जींद। नागरिक अस्पताल में साढ़े तीन महीने बाद भी ऑक्सीजन प्लांट शुरू नहीं हो पाया है। पहले ऑक्सीजन की लीकेज और अब ऑक्सीजन टैंक में कोई तकनीकी गड़बड़ी के कारण ऑक्सीजन का उत्पादन नहीं हो पा रहा है।
देश में कोरोना की तीसरी आशंकित लहर का खतरा अभी टला नहीं है। कोरोना से पार पाने के लिए ऑक्सीजन जरूरी है, लेकिन ऑक्सीजन प्लांट शुरू नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
नागरिक अस्पताल में 21 जून को ऑक्सीजन प्लांट के निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। जून महीने में सभी प्रकार का कार्य पूरा हो गया था। इसके बाद ऑक्सीजन प्लांट के लिए बिजली की फिटिंग का कार्य पूरा हुआ। ऑक्सीजन प्लांट के लिए केवल ऑक्सीजन टैंक और मशीनों की जरूरत थी, जो 24 जुलाई तक पूरी हो गई। इसके बाद जब ऑक्सीजन प्लांट को शुरू किया गया तो ऑक्सीजन की लीकेज शुरू हो गई। इसके बाद फिर से इस प्लांट को बंद कर दिया गया। धीरे-धीरे लीकेज बंद हुई तो फिर यहां पर पाइप में ऑक्सीजन जमने लग गई। इस समस्या को दूर किया गया तो फिर ऑक्सीजन प्लांट के टैंक में कोई गड़बड़ी आ गई। पिछले एक महीने से ऑक्सीजन प्लांट के टैंक में यह गड़बड़ी ठीक नहीं हो पाई है। अब एक महीने से ऑक्सीजन प्लांट बंद ही पड़ा है। सोमवार को फिर से इंजीनियर आएंगे और प्लांट को ठीक करेंगे।
एसएमओ डॉ. गोपाल गोयल ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट के टैंक में कोई गड़बड़ी है। सोमवार तक इसे ठीक कर दिया जाएगा। यदि यह गड़बड़ ठीक नहीं हुई तो पूरे टैंक को ही बदला जाएगा। मंगलवार तक ऑक्सीजन प्लांट काम करना शुरू कर देगा।