बेसहारा पशुओं को घेरकर नंदीशाला में प्रवेश करवाते अन्ना टीम सदस्य। विज्ञप्ति
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जींद। नगर परिषद के साथ अन्ना टीम भी बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान चला रही है। शनिवार रात को अन्ना टीम ने 65 पशुओं को पकड़कर नंदीशाला में छोड़ा। वहीं तीन दिन में नगर परिषद के ठेकेदार ने भी 65 पशुओं को पकड़ा है। अन्ना टीम अब तक अपने चार दिनों में 255 बेसहारा पशुओं को पकड़कर नंदीशाला को सौंप चुकी है।
अन्ना टीम के सदस्य सुनील वशिष्ट ने बताया कि लोगों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए वह बेसहारा पशुओं को पकड़ रहे हैं। नगर परिषद ने एक महीने पहले अभियान चलाया था, लेकिन एक युवक की मौत के बाद अपने इस अभियान को बंद कर दिया। अन्ना टीम पहले भी लोगों के प्रति सचेत थी और आगे भी रहेगी। इस अभियान अन्ना टीम के सैकड़ों युवाओं का सहयोग रहा। शनिवार रात को 65 पशुओं को पकड़ा। इस अभियान में रविंद्र बहबलपुर, सुशील कुमार, राम, मोहित आसरी, नकुल शर्मा, धर्मपाल मित्तल, भारत भूषण, विशाल गर्ग, नरेश हिंदुस्तानी, गोबिंद, अंकित मलिक, अमित आसरी, वरुण बजाज, हर्ष मित्तल, राजू मोर व आशीष बंसल का विशेष योगदान रहा।
इधर, नगर परिषद के सीएसआई मोहन भारद्वाज ने कहा कि नगर परिषद ठेकेदार ने पहले काफी पशुओं को पकड़ा था। लगभग एक महीना पहले बेसहारा पशु पकड़ते समय एक युवक की मौत हो गई थी। इसके बाद नगर परिषद ने ठेकेदार से यह लिखित में शपथपत्र लिया कि भविष्य में यदि पशु पकड़ते समय कोई दुर्घटना हो जाती है तो उसकी जिम्मेदार ठेकेदार की होगी। अब तीन दिन से लगातार अभियान जारी है। तीन दिन में 65 पशुओं को पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही शहर को बेसहारा पशु मुक्त कर दिया जाएगा।