फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मॉडल संस्कृति स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई का विरोध

विज्ञापन
विज्ञापन
जींद। प्रदेश के राजकीय मॉडल संस्कृति पाठशालाओं में अंग्रेजी माध्यम से ही शिक्षण करवाने का शिक्षकों ने विरोध शुरू कर दिया है। शिक्षकों का कहना है कि सरकार का यह फैसला मातृ भाषा के साथ कुठाराघात है। इसको लेकर शुक्रवार को जिले भर के शिक्षकों ने प्रदर्शन किया।
विज्ञापन

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान रूपेंद्र गोयत के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री मनोहरलाल को ज्ञापन सौंपा गया। गोयत ने कहा कि केवल अंग्रेजी माध्यम के नाम पर मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा से वंचित रखना सही नहीं है। शिक्षा के अधिकार के बावजूद भी सरकारी स्कूलों में फीस वसूली की जा रही है। यह शिक्षा के अधिकार पर सीधा प्रहार है। जिला महासचिव रणबीर घणघस, अभिमन्यु रेढू ने कहा कि सरकार यदि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती है तो विरोध किया जाएगा। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधि राजेश खर्ब ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, रोजगार मूलभूत सुविधाएं देना सरकार का काम होता हैं। सरकार अपने कर्तव्यों से पीछा छुड़ाते हुए ज्यादातर सुविधाओं को निजी हाथों में देती जा रही हैं। निजी क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य इतने महंगे हो गये कि आम जनता की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। एक तरफ तो शिक्षा के अधिकार के तहत निशुल्क एवं गुणवत्ता पूरक शिक्षा की बात कर ही है, लेकिन इस प्रकार की व्यवस्था से बच्चों को शिक्षा नहीं मिल पाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें