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पेंशन न मिलने पर बुजुर्गों ने लगाया जाम

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धमतान गांव में जाम लगाकर रोष व्यक्त करते बुजुर्ग। संवाद। - फोटो : Jind
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नरवाना। बुढ़ापा पेंशन नहीं मिलने से गुस्साए धमतान साहिब गांव के बुजुर्गों ने सोमवार को नरवाना टोहाना व टोहाना-कैथल मार्ग पर जाम लगा दिया और बैंक अधिकारियों के खिलाफ सड़क पर धरना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों रूटों के राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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सूचना मिलते ही तहसीलदार विजय कुमार व गढ़ी थाना प्रभारी महेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और बुजुर्गों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। इस दौरान कोऑपरेटिव बैंक के डीएम टोहाना से धमतान पहुंचे। अधिकारियों के सामने ग्रामीणों ने कहा कि पांच महीने के बाद गांव के किसी भी बुजुर्ग को पेंशन नहीं मिली। ग्रामीण डॉ. प्रीतम, रामकला, बलबीर, सुंदर, रामकिशन, महिमा व सरूपी ने कहा कि जब हम पेंशन के बारे में पूछने के लिए गांव के कोऑपरेटिव बैंक में जाते हैं तो वहां के कर्मचारी दुर्व्यवहार करते हैं। कभी बैंक का कंप्यूटर तो कभी सर्वर खराब होने के बहाने बनाए जाते हैं, लेकिन संतोषजनक जवाब कोई भी बैंक अधिकारी नहीं देता। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक रास्ता नहीं रोका जाए, तब तक हमारे देश में किसी की बात नहीं सुनी जाती और जाम लगते ही पूरा प्रशासन मौके पर पहुंच जाता है। ग्रामीणों की बात सुनने के बाद बैंक अधिकारी ने आश्वासन दिया कि पेंशन संबंधी जो भी समस्या है उसे जल्द दूर कर दिया जाएगा और जो कर्मचारी ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं उनका तबादला कर दिया जाएगा। जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
राहगीर रहे परेशान
धमतान गांव में सुबह साढ़े नौ बजे नरवाना टोहाना व टोहाना कैथल मार्ग पर जाम लगा दिया गया। अधिकारियों के समझाने पर ग्रामीणों ने लगभग तीन घंटे बाद जाम खोला। इस दौरान राहगीरों को इधर उधर के कच्चे रास्तों से होकर अपनी मंजिल तक जाना पड़ा और कुछ वाहन चालक तीन घंटे तक जाम में ही फंसे रहे। वहीं बुजुर्गों के समर्थन में बद्दोवाल टोल प्लाजा से भी किसानों का जत्था धमतान गांव में पहुंचा और बुजुर्गों की मांग को जायज बताते हुए किसान एकता के भी नारे लगाए गए।
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वर्जन
बैंक के अधिकारी को मौके पर बुलाया गया। ग्रामीणों की जो भी समस्याएं हैं, अधिकारी के सामने रखी गई। अधिकारी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम खुलवा दिया गया था। इस प्रकार की समस्याओं के समाधान के लिए लोगों जाम लगाने से पहले संबंधित विभाग व प्रशासन अधिकारियों को अपनी समस्या बतानी चाहिए, ताकि किसी को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
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- विजय कुमार, तहसीलदार नरवाना।
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