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विधायकों की रिपोर्ट से पहले रिकार्ड ठीक करने में जुटे अधिकारी

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जींद। शहर में हुए या चल रहे विकास कार्यों में कथित रूप से हुई गड़बड़ी की जांच के लिए बुधवार को विधानसभा की सब्जेक्ट कमेटी ने दौरा किया था। इसके बाद अधिकारी अपना-अपना रिकॉर्ड ठीक करने में लगे हैं। कमेटी की बुधवार को चंडीगढ़ में बैठक होगी, इसके बाद ही रिपोर्ट आएगी। लेकिन माना जा रहा है कि जनस्वास्थ्य विभाग और पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई होना तय है। ऐसे में परियोजना से जुड़े अधिकारी अब अपना पक्ष मजबूत करने में लगे हुए हैं।
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गौरतलब है कि शहर के विकास के लिए अमरूत योजना के तहत डाली गई पाइपलाइन के बाद बनाई गई सड़क धंसने के बाद विकास कार्यों पर सवाल उठने लगे थे। इसको लेकर हीं जींद के भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने सब्जेक्ट कमेटी से जांच की मांग की थी। इस पर कमेटी के 10 में से पांच विधायकों ने बुधवार को पूरे शहर का दौरा किया था। इस दौरान जनस्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की कार्यप्रणाली से जांच कमेटी के सदस्य काफी नाराज भी नजर आए थे। कमेटी के सदस्यों ने यह भी माना था कि जींद में सरकारी पैसे की जमकर बर्बादी हुई है।
गड़बड़ी का आरोप एक-दूसरे पर डाल रहे विभाग
इस परियोजना में तीन विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। नगर परिषद ने पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की सड़कों पर पाइपलाइन डाली है। इसके बदले पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने नगर परिषद से दोबारा सड़क बनाने के लिए पैसे भी लिए हैं। वहीं जहां सड़क धंसी हैं, वहां जनस्वास्थ्य विभाग की भी सीवर लाइन है। अब पीडब्ल्यूडी बीएंडआर सड़क धंसने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहा है तो यह विभाग अपनी पाइपलाइन को सही बता रहा है।
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करीब 20 लाख रुपये का खर्च और
एक विभाग के बड़े अधिकारी ने बताया कि रोहतक रोड व मिनी बाईपास पर बनी स्थिति को ठीक करने के लिए करीब 20 लाख रुपये और खर्च होंगे। अब यह देखना होगा कि कमेटी इसकी रिकवरी अधिकारियों से करती है या ठेकेदारों से। इसके तहत पाइपलाइन के पास से मिट्टी निकाल कर परतों में बिछाई जाए। करीब 35 फुट गहरी पाइप लाइन है। ऐसे में दो-दो फुट की परत बिछा कर पहले मिट्टी को बैठाया जाए, तब जाकर यहां व्यवस्था ठीक हो सकती है।
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अमरूत योजना में भ्रष्टाचार का आरोप, जांच की मांग को लेकर दिया धरना
दूसरी ओर चर्चित अमरूत योजना में जयति जयति हिंदू महान संगठन ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इसको लेकर संगठन के सदस्यों ने धरना दिया और जांच की मांग की। इसके लिए तहसीलदार अजय सैनी को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
संगठन के राष्ट्रीय संयोजक अतुल चौहान ने कहा कि जींद शहर में बारिश व गंदे पानी की निकासी के लिए तीन साल पहले अमरूत योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू हुआ था। उस समय इसका लगभग 6.5 करोड़ रुपये तय किया गया। लेकिन यह अब बढ़ाकर करीब 25 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। पिछले तीन साल से शहर में पाइपलाइन बिछाने का कार्य चला रहा है। गत दिनों रोहतक रोड, भिवानी रोड पर पाइपलाइन बिछाई गई। लेकिन ज्यादातर जगह से सड़कें धंस गई हैं।
चौहान के अनुसार इसमें काफी अनियमितताएं मिली है। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ा घोटाला है। पूरा शहर इस योजना से परेशान हो चुका है। पाइपलाइन डाले जाने के बावजूद बारिश का पानी स्टेडियम, मंदिर, स्कूल व सरकारी विभागों के कार्यालयों में निकाला जा रहा है। इस मौके पर विनय गोयल, रामफल, रामचंद्र सिवाच, चतर सिंह, आनंद, मास्टर धर्मपाल शर्मा, राजकुमार अग्रवाल, शक्ति सिंह, अशोक भगत, रवि, चतरु, रामफल शर्मा, नवदीप गोयल, मनोज शर्मा, नरेंद्र शर्मा, सुनील मित्तल, सुरजप्रकाश, मनोज भट्ट, तरुण मग्गू, प्रवीन सुखीजा, ईश्वर खर्ब, विजय जांगड़ा, अंकुश मोर, सोमबीर पांचाल, शीनू, नरेंद्र, सोमदत्त, आजाद चौहान, राजू सैनी, विकास, अशोक, सावन सैनी मौजूद रहे।
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