रेलवे के क्लास वन अफसरों को ट्रेन में सफर करते समय आधा घंटे का समय जनरल कोच में बिताना होगा। ट्रेनों के जनरल कोच में सफाई और अन्य दिक्कतों की शिकायत मिलने के कारण रेलवे ने यह फैसला लिया है। रेलवे के प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के एसी औैर स्लीपर कोच में सफाई व्यवस्था काफी हद तक ठीक रहती है। लंबे रूट पर चलने वाली ट्रेनें जब भी किसी स्टेशन पर रुकती हैं तो वहां भी स्टाफ इन कोचों में सफाई चेक करता है। अन्य ट्रेनों के जनरल कोच की खस्ताहाल होती है। पैसेंजर ट्रेन में यात्री दरवाजों व पायदानों पर बैठकर सफर करने को मजबूर होते हैं। इससे जनरल कोच में हर समय गंदगी देखने को मिलती है। जनरल कोच ज्यादातर ट्रेन का सफर शुरू होने और खत्म होने के बाद ही सफाई की जाती है। अब अफसरों के ट्रेन में सफर करने के बाद सफाई कर्मचारियों को जनरल कोच में भी सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा। अफसर खुद जनरल कोच में सफर कर खुद पूरी हकीकत जानेंगे और जवाबदेही तय करेंगे।
रेलवे के क्लास वन अफसरों को ट्रेन में सफर करते समय आधा घंटे का समय जनरल कोच में बिताना होगा। ट्रेनों के जनरल कोच में सफाई और अन्य दिक्कतों की शिकायत मिलने के कारण रेलवे ने यह फैसला लिया है। रेलवे द्वारा जनरल कोच की दशा सुधारने के लिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बावजूद दिक्कत हल नहीं हो रही है। इसी के चलते अब यह फैसला लिया गया है कि क्लास वन अधिकारी जनरल कोच में पब्लिक के बीच बैठकर कम से कम आधा घंटा सफर करना होगा। इसकी रिकॉर्ड में भी एंट्री होगी। यात्रियों के फीडबैक के आधार पर रेलवे द्वारा जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
प्रेम किशोर, स्टेशन अधीक्षक जींद।