पत्रकारों को जानकारी देता हुआ अनुबंधित स्टाफ। संवाद
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सफीदों। नगर के सरला देवी कन्या कॉलेज में चल रहे नर्सिंग कॉलेज की अध्यापिकाओं को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने से टीचरों को खाने तक के लाले पड़ गए हैं। वहीं दूसरी ओर इस कालेज में नर्सिंग की शिक्षा ग्रहण कर रही छात्राओं की पढ़ाई बाधित होने की संभावनाएं पैदा हो गई है क्योंकि से अध्यापिकाएं अब बिना सैलरी के काम करने के मूड में नहीं हैं।
वहीं अध्यापिकाओं ने अपनी अनुबंध को आगे बढ़ाने व बकाया वेतन देने की मांग को लेकर गृहमंत्री अनिल विज से मिलने का मन बनाया है। इस कॉलेज में अध्यापन का कार्य कर रही 13 अध्यापिकाओं ने बताया कि वह पिछले कई साल से अध्यापन कार्य में लगी हुईं हैं। शुरू में उन्हें एक साल का अनुबंध दिया गया था। बाद में दो बार तीन-तीन महीने का अनुबंध आगे बढ़ाया गया था। इसके बाद आखिरी बार अनुबंध 31 मार्च को खत्म हो चुका है। उसके बाद उनका अनुबंध अभी तक आगे नहीं बढ़ाया गया है। उन्हे आस थी कि सरकार व विभाग उनके अनुबंध को आगे बढ़ा देगा तथा उनकी बकाया सैलरी भी उन्हे दे दी जाएगी लेकिन हुआ कुछ भी नहीं। फिर भी वे छात्राओं के भविष्य को देखते हुए उन्हे पढ़ाती रहीं। पिछले साढे तीन महीने से वह लगातार बिना किसी वेतन के कार्य कर रहीं हैं। लगातार साढ़े तीन महीने से बिना वेतन कार्य करने के बाद जब वह उच्चाधिकारियों से मिली तो उन्होंने अपने हाथ खड़े करते हुए कहा कि उनका अनुबंध 31 मार्च को खत्म हो चुका है तथा बिना किसी अनुबंध के वेतन नहीं दिया जा सकता है। अधिकारियों के इस रवैये के कारण वह आज सडक़ पर आ गए है तथा उन्हें घर चलाने से लेकर खाने तक के लाले पड़ गए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि उनका अनुबंध आगे बढ़ाया जाए तथा उनका बकाया वेतन भी दिया जाए।
वहीं अध्यापिकाओं ने बताया कि अब वह इस मामले को लेकर गृहमंत्री अनिल विज से मिलेंगी। वहीं कालेज की छात्राओं का कहना है कि स्टाफ के चले जाने से उनकी पढ़ाई बाधित होगी। अध्यापक पिछले कई दिनों से अपनी कार्यवाही में जुटे हुए है जिसके कारण भी पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। अगर अध्यापक ही नहीं रहेंगे तो उनकी पढ़ाई किस प्रकार से हो पाएगी।