ईएनटी सर्जन की ओपीडी के लिए लगी मरीजों की भीड़।
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नागरिक अस्पताल में सोमवार से ईएनटी सर्जन की सेवाएं शुरू होने के दूसरे दिन ही ओपीडी में मरीजों की संख्या 150 को पार कर गई। सोमवार को 50 के आसपास मरीज आए थे। इससे पहले जिले के नाक, कान व गला के मरीजों को दूसरे जिलों में जाकर इलाज करवाना पड़ता था। ईएनटी सर्जन की सेवाएं शुरू होने से लोगों को काफी लाभ होगा।
बताते चलें कि साढ़े तीन वर्ष से नागरिक अस्पताल में ईएनटी सर्जन नहीं थे। इससे पहले डॉ. अरविंद यहां ईएनटी सर्जन थे, जिनका रोहतक तबादला हो गया था। उनके जाने के बाद ईएनटी सर्जन का पद यहां पर खाली पड़ा था। अब ईएनटी सर्जन डॉ. बृजेंद्र सिंह ने नागरिक अस्पताल में अपना कार्यभार संभाल लिया है। सोमवार को उनकी ओपीडी में 50 के आसपास ही मरीज आए थे लेकिन अब लोगों को सूचना मिलने के बार उनकी ओपीडी दूसरे दिन ही 150 को पार कर गई। नाक, कान व गला रोगियों के लिए जींद में कोई भी ईएनटी सर्जन नहीं था। एक वर्ष पहले जिले के एकमात्र निजी ईएनटी सर्जन की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई थी। यदि लोगों को ईएनटी को दिखाना होता था तो वह दूसरे जिलों पर ही निर्भर रहते थे। अब ईएनटी सर्जन मिलने से जिले के लोगों को भारी राहत मिली है।
रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था हो तो बने बात
जिला स्वास्थ्य विभाग के पास कोई भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। इस कारण किसी भी मरीज को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए निजी लैब पर महंगे दामों में ही अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है। केवल गर्भवति महिलाओं के अल्ट्रासाउंड के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निजी लैब से अनुबंध किया हुआ है। प्रतिदिन केवल चार ही महिलाओं का यह निजी लैब संचालक अल्ट्रासाउंड करते हैं।
ईएनटी सर्जन की सेवाएं शुरू होने से नागरिक अस्पताल में ओपीडी बढ़ी हैं। अब सबसे बड़ी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की कमी है। यदि रेडियोलॉजिस्ट और मिल जाए तो लोगों को काफी राहत मिलेगी। इसके लिए स्वास्थ्य निदेशालय के पास डिमांड भेजी गई है।
--डॉ. गोपाल गोयल, एसएमओ