नगर परिषद चेयरपर्सन और प्रशासन के बीच चल रही खींचतान अब व्यक्तिगत आरोपों तक पहुंच गई है। इसी कड़ी में नगर परिषद चेयरपर्सन मुकेश देवी ने डीसी राजीव रतन पर धमकाने और पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। चेयरपर्सन के अनुसार वे पार्षदों से बातचीत कर त्यागपत्र की पेशकश करेंगी।
चेयरपर्सन मुकेश देवी के अनुसार बुधवार सुबह वे डीसी कैंप ऑफिस डीसी राजीव रतन से मुलाकात करने गई थी। मुकेश देवी के अनुसार डीसी ने उनसे पद की गरिमा के अनुसार बात नहीं कर उनको धमकाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि डीसी के इस बर्ताव से उनके मान-सम्मान को ठेस पहुंची है।
मुकेश देवी के अनुसार बिना किसी ठोस कारण के डीसी मुख्यमंत्री और कुछ पार्षदों के दबाव में आकर उनको बेवजह परेशान कर रहे हैं। इससे वे आहत हैं और पार्षदों से विमर्श कर त्यागपत्र देंगी। मुकेश देवी ने कहा कि डीसी कुछ कांग्रेसियोें के साथ मिलकर उनके खिलाफ काम कर रहे हैं। उनके पास बहुमत है और लोगों को भी उनसे कोई शिकायत नहीं है।
यह है मामला
करीब एक माह पहले नगर परिषद के एक पार्षद ने डीसी को विकास कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत की थी। इसके बाद डीसी राजीव रतन ने तुरंत प्रभाव से विकास कार्यों पर रोक लगा दी और जांच एडीसी को सौंप दी।
पार्षदों द्वारा धरना देने की चेतावनी के बाद डीसी ने विकास कार्यों पर लगी रोक को हटाने की घोषणा की थी। इस मामले में प्रशासन और नगर परिषद चेयरपर्सन के बीच लंबी खींचतान चली। इसी प्रक्रिया में उन्होंने त्यागपत्र की पेशकश की है।
आरोप निराधार हैं : डीसी
नगर परिषद चेयरपर्सन द्वारा लगाए सभी आरोप निराधार हैं। मैं किसी के साथ असभ्य व्यवहार नहीं कर सकता, विशेषकर महिला के साथ। जिस समय नगर परिषद चेयरपर्सन और उनके पति आए, उस समय कार्यालय में एक ट्रेनी आईएएस और कार्यालय के एक अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे। ऐसे में आरोपों का कोई आधार नहीं है।
राजीव रतन, डीसी