जींद। अब परिवार पहचान पत्र से पेयजल कनेक्शन भी जोड़े जा रहे हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण और शहरी पेयजल कनेक्शनों को परिवार पहचान पत्र से जोड़ने का काम चल रहा है। जिले में 1.87 लाख कनेक्शनों में 90 हजार कनेक्शन अभी े परिवार पहचान पत्र से जुड़ने शेष हैं।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जिला सलाहकार रणधीर मताना ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में सक्षम युवाओं को परिवार पहचान पत्र से पेयजल कनेक्शन जोड़ने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि हरियाणा पहला राज्य है, जिसमें सभी पेयजल कनेक्शन परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़े जाएंगे। सरकार द्वारा सभी योजनाओं का लाभ देने के लिए परिवार पहचान पत्र के साथ लिंक किया जा रहा है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा ये कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रदेश में कुल 27 लाख 36 हजार 998 पेयजल उपभोक्ता हैं, जिसमें से 14 लाख15 हजार 507 पेयजल कनेक्शन की पहले ही मैपिंग की जा चुकी है, जबकि 13 लाख 20 हजार 430 पेयजल कनेक्शनों को अभी भी परिवार पहचान पत्र से मैपिंग करना बाकी है। उन्होंने सक्षम युवाओं को पहले अपनी आईडी बनाने का प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर खंड समन्वयक कुशल शर्मा, दिनेश मलिक, ईश्वर लोहान, सुरेंद्र दुग्गल, सोमलता सैनी और बलवान सिंह भी मौजूद रहे। पेयजल कनेक्शनों को पीपीपी से लिंक होने के बाद ये पता चल जाएगा कि व्यक्ति के पास क्या क्या सरकारी सुविधाएं हैं। इसका उपभोक्ता को भी लाभ मिलेगा।
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10जेएनडी10 : लोगों के पेयजल कनेक्शन पीपीपी से जोडने का प्रशिक्षण देते रणधीर मताना। संवाद।