जींद। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी महेंद्र सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला परियोजना क्रियान्वयन इकाई की बैठक हुई। बैठक में जिले में चल रहे निपुण अभियान और अन्य शैक्षिक गतिविधियों की समीक्षा की गई। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारना और आगामी कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू करना रहा।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि निपुण अभियान के लक्ष्यों को हासिल करने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित स्कूल भ्रमण और फील्ड मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
एफएलएन जिला समन्वयक राजेश वशिष्ठ ने बताया कि कक्षा पहली से तीसरी तक के बच्चों की उपस्थिति निपुण बोर्ड पर अपडेट करना अनिवार्य है। विशेष रूप से उन स्कूलों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जहां पिछले 60 दिनों से किसी अधिकारी ने विजिट नहीं की है।
विद्यालयों में लाडो लक्ष्मी योजना की प्रगति और स्कूलों में प्राप्त टीवी सेटों के इंस्टॉलेशन की समीक्षा की गई। प्रवेश उत्सव को सफल बनाने और छात्र संख्या बढ़ाने के लिए घर-घर जाकर नामांकन अभियान चलाने पर सहमति बनी।
अधिकारियों को ड्रॉपआउट बच्चों का सर्वे करने और उन्हें दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए गए। मेगा पीटीएम के डेटा लिंक को न भरने वाले स्कूलों की स्थिति पर विचार-विमर्श हुआ। बच्चों के भाषाई कौशल को सुधारने के लिए स्कूलों में श्रुतलेख प्रतियोगिता आयोजित कराने और बच्चों के होलिस्टिक कार्ड को नियमित रूप से अपडेट रखने का निर्णय लिया गया।
सराहनीय कार्य करने वाले शिक्षक बैठकों में शामिल होंगे
जिला शिक्षा अधिकारी रितु पंघाल ने कहा कि भविष्य में जिला परियोजना क्रियान्वयन इकाई की बैठकें अलग-अलग स्कूलों में आयोजित की जाएंगी। सराहनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को इन बैठकों में आमंत्रित किया जाएगा ताकि उनके अनुभवों से अन्य लोग प्रेरणा ले सकें। बैठक में सभी कक्षाओं के बच्चों को एमआईएस पोर्टल पर अगली कक्षा में समयबद्ध ट्रांसफर करने और प्रवेश उत्सव को सफल बनाने के निर्देश दिए गए। उप जिला शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र, पुष्पा मोर और डीपीसी किरण बाला ने निपुण मिशन को गति देने के लिए सुझाव साझा किए। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों ने स्कूल विजिट को प्रभावी बनाने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का आश्वासन दिया।
वर्जन
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए अब विभागीय बैठकें स्कूलों में होंगी। बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। सभी अधिकारी फील्ड में उतरकर निपुण लक्ष्यों को समय पर पूरा करें और नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करें।
-महेंद्र सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जींद।