जींद। निकाय चुनाव संपन्न हुए 13 दिन हो चुके हैं लेकिन अभी तक चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी ने अपना कार्यभार नहीं संभाला है। उनके कार्यभार नहीं संभालने के कारण शहर में विकास कार्यों को गति नहीं मिल रही है। शहर में 14 करोड़ रुपये से विकास कार्य होने हैं। इसके अलावा छह करोड़ रुपये से गलियों का निर्माण होना है। हालांकि फिलहाल एसडीएम प्रशासक के रूप में कार्य देख रहीं हैं लेकिन काफी कार्य ऐसे हैं, जिनके लिए प्रशासनिक अधिकारी भी चेयरपर्सन की मंजूरी चाहते हैं।
शहर की सरकार की बागडोर डॉ. अनुराधा सैनी के हाथ में आ चुकी है लेकिन सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन नहीं होने के कारण वह अपना कार्यभार नहीं संभाल पाई हैं। शहर के लोग कहने लगे हैं कि चेयरपर्सन कार्यभार कब संभालेंगी। चेयरपर्सन के कार्यभार नहीं संभालने के कारण काफी काम रुके हुए हैं या फिर इन विकास कार्यों को गति नहीं मिल पा रही है। अधिकारी भी चाहते हैं कि विकास कार्यों पर आम सभा की बैठक में मोहर लगे ताकि कार्य करवाने में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आए। शहर के विकास के लिए चार माह पहले 14 करोड़ रुपये का बजट अलॉट किया था, जो अभी तक नहीं लग पाया है। बीच में नगर निकाय चुनाव होने के कारण काफी कार्य नहीं हो पाए। अब लोगों को उम्मीद थी कि निकाय चुनाव के बाद शहर में विकाय कार्य तेजी से होंगे लेकिन 13 दिन बाद भी चेयरपर्सन के कार्यभार नहीं संभालने के कारण विकास कार्यों में तेजी नहीं आ रही है।
आदर्श आचार संहिता भी हट चुकी
शहर में नगर परिषद चेयरमैन के लिए 19 जून को मतदान हुआ था। 22 जून को मतगणना हुई। इसमें भाजपा की डॉ. अनुराधा सैनी नगर परिषद की चेयरपर्सन बन गई। आचार संहिता हटे हुए भी कई दिन हो गए हैं लेकिन चेयरपर्सन के कार्यभार नहीं संभालने के कारण विकास कार्य रुक गए हैं।
ये होने हैं विकास कार्य
प्रदेश सरकार ने चार महीने पहले शहर के विकास के लिए नगर परिषद 14 करोड़ रुपये का बजट अलॉट किया था। इस बजट में से छह करोड़ रुपये से शहर की विभिन्न कॉलोनियों की 46 गलियों का निर्माण, एकलव्य स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक, लोको कॉलोनी में गलियों की मरम्मत का कार्य, भिवानी रोड स्थित पशु अस्पताल की जगह पर पार्क का निर्माण समेत 49 कार्य होने हैं। भिवानी रोड पर पशु अस्पताल की जमीन पर 40 लाख रुपये की राशि से पार्क बनाया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न पार्कों में 50 लाख रुपये से जिम व झूले लगाए जाएंगे। दालमवाला अस्पताल से जेडी-7 पर डिवाइडर बनाया जाएगा। इस पर 40.47 लाख रुपये खर्च होंगे।
जल्द लगाए जाएंगे टेंडर
नगर परिषद के ईओ सुशील कुमार ने बताया कि 14 करोड़ रुपये से जो बड़े काम होने हैं, उनका एस्टीमेट मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही इन कामों के टेंडर लगा दिए जाएंगे। नगर परिषद के लिए एसडीएम को प्रशासक लगाया गया है। विकास कार्य जिस प्रकार पहले चल रहे थे, उसी प्रकार से चल रहे हैं। विकास कार्यों में कोई बाधा नहीं है।
फिलहाल सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन नहीं हुआ है। जैसे ही नोटिफिकेशन होगा, कार्यभार संभाल लिया जाएगा। शहर में तेजी से विकास कार्य करवाए जाएंगे। सभी पार्षदों की सहमति से मिलकर कार्य करवाए जाएंगे। जिन वार्डों में गलियों की समस्या है, वहां गलियां बनाई जाएंगी।
-डॉ. अनुराधा सैनी, नवनिर्वाचित चेयरपर्सन, नगर परिषद।