सफीदों। शहर में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद महात्मा गांधी मार्ग पर स्थित अशोक वरदान अस्पताल के बाहर गुस्साए परिजनों ने शव रखकर करीब तीन घंटे तक बवाल किया। सूचना पाकर प्रभारी दिनेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस दो लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले गई।
पुलिस ने जच्चा-बच्चा के शव को सफीदों के नागरिक अस्पताल पहुंचाया जहां से पोस्टमार्टम के लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज खानपुर रेफर कर दिया। मृतका के पति के ब्यान दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
असंध के वार्ड-15 निवासी मृतका के पति साहिल ने बताया कि उसकी पत्नी आरती की डिलीवरी होनी थी। 12 सितंबर रात आरती को सफीदों के महात्मा गांधी मार्ग स्थित अशोक वरदान अस्पताल में लेकर आया। 13 सितंबर को महिला ने बच्ची को जन्म दिया लेकिन डिलीवरी के बाद महिला की ब्लीडिंग नहीं रुकी। चिकित्सकों ने उन्हें बताया कि नवजात के मुंह में भी गंदा पानी चला गया।
इसके बाद नवजात को करनाल व महिला को मेडिकल कॉलेज खानपुर रेफर कर दिया। जब वे नवजात को करनाल लेकर जाने लगे तो रास्ते में बच्ची की मौत हो गई। वहीं उपचार के दौरान महिला आरती की भी पीजीआई खानपुर में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अशोक वरदान अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही के कारण ही आरती और नवजात की मौत हुई है। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
अस्पताल के बाहर जुटे परिजन
रविवार सुबह परिजन मृतक आरती और नवजात के शव को लेकर अशोक वरदान अस्पताल के बाहर आ गए। उन्होंने शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। शहर थाना प्रभारी दिनेश कुमार और सदर थाना प्रभारी डॉ. सुनील ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद भी परिजन नहीं माने। करीब तीन घंटे तक अस्पताल के बाहर जमकर बवाल काटा गया।
अस्पताल संचालक ने दी सफाई
निजी अस्पताल संचालक अशोक का कहना है कि महिला में पहले से ही खून की कमी थी। डिलीवरी के बाद उन्होंने परिजनों को खून लेकर आने के लिए बोला था लेकिन वह न तो जींद गए और न ही पानीपत। इसलिए उन्होंने महिला को रेफर कर दिया। जब महिला यहां से रेफर होकर गई थी, उस वक्त वह ठीक थी।
वर्जन
महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज खानपुर भेजा गया है जो रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर कार्रवाई होगी। साथ ही डॉक्टरों के पैनल के गठन के लिए भी लिखा है जो जांच करेगा कि अस्पताल की लापरवाही थी या नहीं। -दिनेश कुमार, प्रभारी, शहर पुलिस थाना, सफीदों
14जेएनडी36-अस्पताल के बाहर एकत्रित हुए परिजन। संवाद
14जेएनडी36-अस्पताल के बाहर एकत्रित हुए परिजन। संवाद
14जेएनडी36-अस्पताल के बाहर एकत्रित हुए परिजन। संवाद