11जेएनडी13: प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेते हुए महिलाएं। स्रोत केंद्र।
नरवाना। पंजाब नेशनल बैंक किसान प्रशिक्षण केंद्र सच्चा खेड़ा किसानों और महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। केंद्र निदेशक हितेश कालरा ने कहा कि दूध के उत्पाद से आय में वृद्धि हो सकती है।
गांव रसीदा में पांच दिवसीय दुग्ध प्रसंस्करण एवं संरक्षण प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र (एनआरसीई) हिसार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसमें 30 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ प्रतिभागियों को दूध से बनने वाले विभिन्न उत्पादों जैसे दही, पनीर, घी, मक्खन और खोया बनाने की विधि के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
केंद्र निदेशक हितेश कालरा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए काफी लाभदायक साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि किसान यदि दूध को केवल बेचने के बजाय विभिन्न उत्पाद तैयार करें तो वे आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को अपनाकर स्वरोजगार शुरू करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे इस कार्य को आसानी से सीख सकें। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा 10 मार्च को पीएनबीएफटीसी सच्चा खेड़ा में एससी/एसपी योजना के तहत 15 दिवसीय ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण में ग्रामीण महिलाओं को ब्यूटी पार्लर से जुड़े विभिन्न कौशल सिखाए जाएंगे, जिससे वे स्वरोजगार शुरू कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने।