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विपरीत परिस्थितियों में सकारात्मक सोच रखें : अरविंद शास्त्री

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फोटो 11जेएनडी17-लाला प्रभुदयाल चौधरी धर्मशाला में चल रही श्री शिव महापुराण कथा सुनती महिलाएं। स
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उचाना। सावन माह के पावन अवसर पर लाला प्रभुदयाल चौधरी धर्मशाला में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के दौरान पूरा वातावरण भगवान शिव के जयकारों और भजनों से भक्तिमय बना हुआ है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा का श्रवण कर भगवान शिव की आराधना में लीन नजर आए।
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कथा वाचक अरविंद शास्त्री ने कहा कि श्री शिव महापुराण कथा का श्रवण करना मनुष्य के लिए सौभाग्य की बात है। सावन माह में भगवान शिव की कथा सुनने और उनकी आराधना करने का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन होता है वह क्षेत्र भी सौभाग्यशाली होता है। ऐसी धार्मिक कथाएं समाज में धर्म, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने के साथ लोगों को बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं।
शास्त्री ने कहा कि मनुष्य के जीवन में सुख-दुख और अच्छा-बुरा समय आता-जाता रहता है। विपरीत परिस्थितियों में व्यक्ति को घबराकर निराश होने के बजाय सकारात्मक सोच के साथ धैर्य बनाए रखना चाहिए। बुरा समय कितना भी कठिन क्यों न हो, वह हमेशा नहीं रहता। कठिन दौर के बाद अच्छे समय का आगमन अवश्य होता है। ऐसे में व्यक्ति को भगवान पर विश्वास रखते हुए निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि मनुष्य अक्सर संकट के समय भगवान को याद करता है, जबकि सुख और अच्छे समय में उन्हें भूल जाता है। वास्तव में भगवान का स्मरण केवल दुख या परेशानी के समय ही नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में होना चाहिए। सुख के समय भगवान का धन्यवाद और दुख के समय उन पर विश्वास रखने से मनुष्य के भीतर सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल बना रहता है।
कथा वाचक ने भगवान शिव को त्याग, तपस्या, करुणा और कल्याण का प्रतीक बताते हुए कहा कि शिव भक्ति मनुष्य को अहंकार से दूर रहकर सरल, संयमित और सदाचारपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक कथा का वास्तविक लाभ तभी है, जब कथा से प्राप्त शिक्षाओं को जीवन में उतारा जाए। जरूरतमंदों की सेवा, परोपकार और मानवता के कार्यों में योगदान देना ही धर्म की सच्ची भावना है।
कथा के दौरान श्रद्धालु भजनों और भगवान शिव के जयकारों में भाव-विभोर दिखाई दिए। इस अवसर पर पं. सत्यनारायण पुजारी, अशोक पुजारी, हनुमान कापड़ो और संजय गर्ग को सम्मानित किया गया।
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