संजय लाठर को शुभकामनाएं देते नवीन मलिक व अमन ढांडा।
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हरियाणा के जींद जिले जुलाना विधानसभा क्षेत्र के बुढ़ाखेड़ा लाठर गांव निवासी डॉ. संजय लाठर उत्तरप्रदेश विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चुना गया है। इससे क्षेत्र में खुशी की लहर है। हालांकि डॉ. संजय लाठर जुलाना विधानसभा क्षेत्र से भी राजनीति में सक्रिय रहे, लेकिन वे विधानसभा तक नहीं पहुंच पाए।
संजय लाठर ने छात्र जीवन से ही राजनीति की शुरूआत की। इसके बाद पत्रकारिता में पीएचडी की। इसके बाद उन्होंने हरियाणा में समाजवादी पार्टी को स्थापित करने का प्रयास किया और खुद भी समाज वादी पार्टी के टिकट पर कई चुनाव लड़े। 1999 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने सोनीपत लोकसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा।
इसके बाद वर्ष 2000, 2005 व 2009 के विधानसभा चुनाव में जुलाना विधानसभा क्षेत्र से सपा के टिकट पर राजनीति में हाथ आजमाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। समाजवादी पार्टी में डॉ. संजय लाठर की पैठ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिना जनाधार के भी 2005 के विधानसभा चुनाव में खुद सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव उनका प्रचार करने पहुंचे थे।
11 साल बाद समाजवादी पार्टी ने निभाया वादा
वर्ष 2005 के चुनाव के दौरान ही जुलाना की अनाज मंडी में मुलायम सिंह यादव ने कह दिया था कि यदि जुलाना के लोग उन्हें विधायक नहीं बनाते हैं तो उत्तर प्रदेश में विधायक बनाया जाएगा। ऐसे में 2016 में उन्हें उत्तर प्रदेश में विधानपरिषद का सदस्य बनाया गया। हालांकि हाल में हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव में उन्होंने मथुरा जिले की मांट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन वे हार गए। ऐसे में विधानपरिषद के सदस्य होने के नाते उन्हें विपक्ष का नेता बनाया गया है।
गांव से रहा है गहरा नाता
बेशक डॉ. संजय लाठर उत्तर प्रदेश की राजनीति में हैं, लेकिन वे अपने गांव व लोगों से जुड़े रहे हैं। उनका परिवार गांव में ही रहता था। करीब एक साल पहले कोरोना काल में उनकी मां का निधन होने के बाद पूरा परिवार लखनऊ में शिफ्ट हो गया है।
प्रदेश में भी बनेंगे नए राजनीतिक समीकरण
संजय लाठर के साथी रहे अमन ढांडा व नवीन मलिक ने बताया कि संजय लाठर को यह जिम्मेदारी मिलने से प्रदेश में भी राजनीतिक समीकरण बदलेंगे। अब प्रदेश में भी समाजवादी पार्टी को मजबूत किया जाएगा।