नगूरां स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का फोटो, जिसमें लैंग्वेज लैब स्थापित की जानी है। स?
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राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की भाषा पर मजबूत पकड़ हो, इसके लिए स्कूलों में भाषा की प्रयोगशाला (लैंग्वेज लैब) बनाई जाएगी। इस लैब में विद्यार्थियों को हिंदी, अंग्रेजी व संस्कृत भाषा पर पकड़ बनाने के लिए लेक्चर दिए जाएंगे।
यहां के स्मार्ट क्लास रूम में बनने वाली लैब में विद्यार्थी हेड फोन लगाकर ऑनलाइन लेक्चर सुन सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को भाषा ज्ञान लेने में आसानी होगी। स्कूलों में तैयार होने वाली लैब में 20-20 कंप्यूटर सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। लैब में एक साथ 20 विद्यार्थी बैठकर अपनी रुचि के अनुसार भाषा का ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे। लैब में सभी भाषाएं विद्यार्थियों को ऑनलाइन लेक्चर के माध्यम से सिखाई जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को होगा फायदा
राजकीय स्कूल में आने वाले ज्यादातर विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्र से होते हैं। इस वजह से उनकी अंग्रेजी भाषा पर पकड़ कमजोर होती है। अंग्रेेजी भाषा का ज्ञान कम होने पर विद्यार्थी में आत्मविश्वास की कमी हो जाती है। ऐसे में विद्यार्थी प्रतियोगिता में पिछड़ जाते हैं। इतना ही नहीं कई विद्यार्थी ऐसे भी होते हैं, जिनकी हिंदी भाषा पर पकड़ कम होती है। विद्यार्थी स्कूल में बोलते समय जिन शब्दों का प्रयोग करते हैं, उनमेें ज्यादातर शब्दों का गलत उच्चारण करते हैं। इसलिए विद्यार्थियों की भाषा पर पकड़ मजबूत बनाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से लैंग्वेज लैब का निर्माण किया जा रहा है।
विद्यार्थियों का बढ़ेगा आत्मविश्वास
मॉडल संस्कृति स्कूल में लैंग्वेज लैब बनाई जाएगी। इससे विद्यार्थियों को विभिन्न भाषाओं पर अपनी पकड़ बनाने में आसानी होगी, जिससे विद्यार्थियों में आत्म विश्वास बढ़ेगा। वह प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे। यह शिक्षा विभाग का सराहनीय कदम है। इससे विद्यार्थियों को काफी लाभ होगा।
- सुनीता शर्मा, उप जिला शिक्षा अधिकारी जींद।