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बारिश में फिर दरकी सड़क, अमरूत योजना की खुली पोल

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रोहतक रोड पर धंसी सड़क व जमा लोग। अमर उजाला। - फोटो : Jind
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मानसून की दूसरी बारिश ने फिर अमरूत योजना की अव्यवस्थाएं उजागर कर दी हैं। जहां पहली बारिश में रोहतक रोड पर एक जगह सड़क धंसी थी, वहीं सोमवार को हुई बारिश में रोहतक रोड पर तीन जगह सड़क धंस गई है। इसके अलावा जहां पाइप लाइन डाली गई है मिनी बाईपास का 50 फुट हिस्सा भी बैठ गया है। इससे आशंका है कि यह सड़क भी कहीं धंस न जाए। इसके चलते अब पीडब्ल्यूडी बीएंडआर नगर परिषद से प्रमाण पत्र लेगा कि उनके कनेक्शन सही हैं। बहरहाल सड़क धंसने का खामियाजा पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को भुगतना पड़ रहा है।
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दरअसल, शहर में बारिश के पानी निकासी के लिए नगर परिषद द्वारा करीब 35 करोड़ रुपये से 30 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डाली गई है। रोहतक रोड पर इन पाइप की गहराई 35 फुट से भी अधिक है। यहीं पर सड़क धंसने की समस्या से अधिक आ रही है। ऐसे में इंजीनियर्स का मानना है कि यह स्थिति आसपास के मकानों व दुकानों के लिए भी खतरा बन सकती है। वहीं सफीदों रोड पर दालवाला अस्पताल के पास भी सड़क धंस चुकी है।
पीडब्ल्यूडी के सिर आई नगर परिषद की आफत
अमरूत योजना के तहत पाइप लाइन डालने का काम नगर परिषद द्वारा किया गया है, जबकि जिन तीन मुख्य सड़कों पर पाइप लाइन डाली गई हैं, वह पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की हैं। अब सड़क धंस रही हैं तो यह आफत पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के सिर आ रही है। पीडब्ल्यूडी बीएंडआर करीब नौ करोड़ रुपये से तीनों सड़कों को बना चुका है। यहां सड़क धंसती हैं तो फिर से यह बुराई पीडब्ल्यूडी बीएंडआर पर आएगी।
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करीब 200 मैनहोल, हर जगह रिसाव
अमरूत परियोजना की बरसाती पानी निकासी पाइप लाइन में करीब 200 मैनहोल हैं। इसके अलावा सड़क किनारे से पानी लाइन में डालने के लिए 300 से अधिक गली-ट्रैप भी बनाए गए हैं। इनमें से अधिकतर में रिसाव की दिक्कत आ रही है। इसी के कारण सड़क धंस रही हैं।
लाइन पानी चला तो दरक जाएगा शहर
पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधिकारियों के अनुसार अभी सिर्फ सड़क से वैसे ही पानी गया है। पाइप लाइन में पानी जाने पर यह पूरी लाइन लीक होगी और पूरा शहर दरक सकता है।
वर्जन-
पीडब्ल्यूडी बीएंडआर द्वारा बनाई गई सड़क जिस प्रकार से धंस रही हैं, यह बहुत ही गंभीर है। ठेकेदार ऐसे तो दोबारा सड़क नहीं बनाएगा। ऐसे में यह पूरा काम अब नगर परिषद से ही करवाया जाएगा। पानी रुकने के बाद नगर परिषद से प्रमाणपत्र लिया जाएगा कि उनकी लाइन में रिसाव नहीं है।
- नवनीत नैन, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर।
वर्जन-
बड़ी परियोजना है, इसमें कुछ जगह दिक्कत आ सकती है। ऐसा नहीं है कि सभी कनेक्शन में दिक्कत है। इसकी जांच करवाई जा रही है। जहां भी दिक्कत होगी, वहां ठीक करवाया जाएगा।
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भूपेंद्र सिंह, एमई, जींद नगर परिषद।
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