संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। राष्ट्रीय काजला खाप की वार्षिक बैठक रविवार को जाट धर्मशाला में हुई। इसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय सलाहकार एवं पूर्व विधायक सूरजभान काजल ने की। बैठक में शिक्षा, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सुधारों से जुड़े कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
संगठन को मजबूत करने के लिए प्रत्येक जिले में युवा नेतृत्व को जिम्मेदारी देने और नौ राज्यों में 11-11 सदस्यीय समितियां गठित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में बुजुर्गों के अनुभवों का लाभ लेने और प्रत्येक सामाजिक कार्यक्रम में उनका सम्मान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। वहीं पर्यावरण संरक्षण को लेकर खाप ने एक सदस्य-एक पेड़, मां के नाम अभियान चलाने का फैसला लिया।
खाप की ओर से शिक्षा, नौकरी और व्यापार के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। गरीब और अनाथ बच्चों की पढ़ाई के लिए खाप कोष से आर्थिक सहायता देने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा युवाओं को नशे से दूर रखने और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
विवाह और अन्य खुशी पर डीजे संस्कृति को सीमित करने का संदेश देने पर भी सहमति बनी। मृत्यु भोज पर पूर्ण प्रतिबंध और दहेज प्रथा का विरोध करने का फैसला लिया। दहेज से जुड़े मामलों में दोषी पाए जाने वाले परिवारों के सामाजिक बहिष्कार का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
खाप ने महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सम्मान में समान अवसर देने पर जोर दिया। सामाजिक मंचों पर महिलाओं की बराबर भागीदारी सुनिश्चित करने का भी निर्णय लिया गया। राष्ट्रीय काजला खाप का अगला वार्षिक सम्मेलन वर्ष 2027 में पंजाब में आयोजित किया जाएगा।
बैठक में राष्ट्रीय संरक्षक प्रदीप काजला, राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल काजला, वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंद्रभान काजला, राष्ट्रीय प्रवक्ता नंबरदार राममेहर काजला समेत हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात से पदाधिकारी पहुंचे।