जींद। उचाना विधानसभा में जननायक जनता पार्टी के नेताओं को बड़ी लीड की उम्मीद बनी हुई थी। इसके विपरीत मतदाताओं की मंशा जजपा के प्रति कुछ और ही निकली। इसके चलते जजपा प्रत्याशी नैना चौटाला उचाना विधानसभा में दो बूथों पर एक वोट भी नहीं प्राप्त कर पाई। जिसके चलते उचाना विधानसभा के दो बूथों पर जजपा प्रत्याशी को शून्य मत मिले। इसके अलावा 77 बूथ ऐसे थे। जिन पर कुल मत 359 मिले। इससे साफ है कि जजपा इस चुनाव में मतदाताओं की मंशा को भांपने में नाकामयाब रही।
उचाना विधानसभा में दुष्यंत चौटाला के विधायक बनकर भाजपा के साथ मिलने और उपमुख्यमंत्री का पद प्राप्त कर सत्ता में साझेदार बनने का शुरुआती दौर में ही विरोध होना शुरू हो गया था। इस विरोध को जजपा ने गंभीरता से नहीं लिया। जिसके चलते यह विरोध लोकसभा चुनाव तक पूरी तरह से मतदाताओं के बीच विद्रोह की तरह बढ़ गया।
भाजपा के खिलाफ सरपंच, किसान व कर्मचारियों द्वारा किए गए आंदोलन का खामियाजा भी पूरी तरह से जजपा नेताओं को भुगतना पड़ा। इसका लाभ कांग्रेस को पूरी तरह से मिला। जिसके चलते जिन विधानसभाओं में जजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में एकतरफा जीत हासिल की थी। उन विधानसभाओं के मतदाताओं ने कांग्रेस के पक्ष में वोट डालकर जजपा से बदला लिया।
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विधानसभा तक नुकसान की भरपाई मुश्किल
जिस तरह से इस बार कांग्रेस की तरफ जिले के मतदाताओं का रूझान बना है। यह रूझान बीते चुनाव में जजपा की तरफ था। अब आगामी विधानसभा तक जजपा को ग्राउंड स्तर पर हुए इस नुकसान की भरपाई करना बेहद मुश्किल है। जजपा को उन गांवों में भी दहाई की संख्या में मत मिले थे। जिनमें आज भी उनके कार्यकर्ता बूथों पर पूरी तरह से मुस्तैद थे।
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05जेएनडी45: नैना चौटाला जजपा प्रत्याशी।