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Jind News: नहीं की जाती है एंबुलेंस चालक ने शराब पी या नहीं की जांच

Thu, 05 Sep 2024 03:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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07जेएनडी13 : नागरिक अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस। संवाद
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जींद। नागरिक अस्पतालों में एंबुलेंस चालकों की समय-समय पर जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग को अल्कोहल सेंसर उपलब्ध करवाए गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उन्होंने शराब तो नहीं पी रखी है। स्वास्थ्य विभाग के पास केवल एक अल्कोहल सेंसर है, जो आज तक पैक था। उसको कभी बाहर नहीं निकाला गया था। कनीना हादसे के बाद उसे केवल डेमो के लिए बाहर निकाला गया और फिर पैक कर दिया गया। ऐसे में एंबुलेंस चालकों की जांच कैसे हो सकेगी, जबकि आदेश है कि प्रतिदिन दो बार एंबुलेंस चालकों की अल्कोहल सेंसर से जांच होनी चाहिए।
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स्वास्थ्य विभाग के पास 31 एंबुलेंस हैं। इनमें से छह एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट), छह बीएलएस (बेसिक लाइफ सपोर्ट), 16 पीटीएम (रोगी परिवहन एंबुलेंस) तथा तीन एमएमयू (मेडिकल ऑन व्हील) हैं। इन 31 एंबुलेंस पर 72 चालक तैनात हैं, ताकि इनको रोटेशन में तीनों शिफ्ट में चलाया जा सके। इसके अलावा इन एंबुलेंस पर 24 ईएमटी तैनात हैं। इन सभी की जांच के लिए पूरे जिले में केवल एक ही अल्कोहल सेंसर है। वह भी आज तक प्रयोग नहीं किया गया। स्वास्थ्य निदेशालय ने निर्देश दिए थे कि जिन अस्पतालों में अल्कोहल सेंसर नहीं हैं या फिर कम है उनकी संख्या बढ़ाई जाए। इसके बावजूद आज तक नागरिक अस्पताल में इन अल्कोहल सेंसर की संख्या नहीं बढ़ पाई। संख्या बढ़ना तो दूर की बात आज तक यहां उपलब्ध एक सेंसर से किसी एंबुलेंस चालक की जांच भी नहीं हो पाई। ऐसे में यदि कोई एंबुलेंस चालक शराब के नशे में गाड़ी चलाता है तो फिर हादसा होने पर इसकी जिम्मेदार कौन लेगा?
जुलाना के पास एक साल पहले हुआ था हादसा
रात को एक वर्ष पहले एक गर्भवती महिला को पीजीआई रोहतक ले जाते समय एक एंबुलेंस हादसाग्रस्त हो गई थी। एंबुलेंस डिवाइडर से टकरा गई थी। इसमें गर्भवती व बच्चे को नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन गाड़ी काफी क्षतिग्रस्त हो गई थी। उस समय मरीज के परिजनों ने एंबुलेंस चालक पर शराब पीने का आरोप लगाया था। इससे पहले भी एंबुलेंस चालकों पर नशे में होने के आरोप लग चुके हैं।
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मैंने पिछले दिनों ही एंबुलेंस का कार्यभार संभाला है। जांच की गई तो स्वास्थ्य विभाग के पास केवल एक अल्कोहल सेंसर मिला है। तीन-चार दिन पहले ही इसे निकालकर जांचा गया था। अल्कोहल सेंसर के लिए डिमांड भेजी गई है। जल्द ही इनकी संख्या बढ़ जाएगी। इसके बाद सभी चालकों की नियमित जांच शुरू कर दी जाएगी। -डॉ. रवि राणा, डिप्टी सिविल सर्जन, एंबुलेंस।

07जेएनडी13 : नागरिक अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस। संवाद

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