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विजिलेंस टीम करती रही इंतजार, बयान दर्ज कराने ही नहीं पहुंचें

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: चौधरी रणबीर सिंह विवि का फोटो। - फोटो : Jind
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चौधरी रणबीर सिंह विवि (सीआरएसयू) में नियुक्तियों के विवाद में मंगलवार को भी विजिलेंस की टीम जांच करने पहुंची। जांच टीम ने इस दौरान चयन समिति में शामिल अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया लेकिन कोई अधिकारी टीम के समक्ष नहीं पहुंचा। हालांकि अधिकारियों ने जांच टीम के समक्ष न पहुंचने का कारण व्यस्तता बताया है। अब कर्मचारी व अधिकारियों द्वारा दिए गए समय के अनुसार ही जांच टीम इनको पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
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गौरतलब है कि सीआरएसयू में 2018 से 2021 के बीच 19 पदों पर स्थायी नियुक्तियां हुई थी। इसमें 14 प्रोफेसर, तीन क्लर्क व दो चालकों की नियुक्ति हुई। शुरूआत से ही भर्तियों में गड़बड़ी के आरोप लगा रहे हें।
विवि के प्रोफेसर संदीप बेरवाल आरोप लगाए हैं कि दो चालकों की नियुक्तियां तो ठीक उसी दिन की गई, जिस दिन सरकार ने सीआरएसयू में भर्ती पर रोक लगाई गई। ऐसे में इस मामले की शिकायत राज्यपाल को की थी। इसके बाद विजलेंस द्वारा जांच शुरू की गई है। ऐसे में विजिलेंस ने भर्तियों में शामिल चयन समिति के लोगों सहित विवि के पूर्व कुलपति व रजिस्ट्रार को भी बुलाया था।
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विजिलेंस जांच के लिए पूर्व कुलपति प्रोफेसर राजबीर सोलंकी, डॉ. गुरमीत सिंह, विभागाध्यक्ष फिजिकल एजुकेशन, पंजाब विवि चंडीगढ़, डॉ. राजेश पूनिया पूर्व रजिस्ट्रार सीआरएसयू, डॉ. संदीप बेरलवा, पूर्व डीन ऑफ फैकेल्टी, प्रोफेसर निशान सिंह विभागाध्यक्ष शारीरिक शिक्षा विभाग, पंजाबी विवि पटियाला, प्रोफेसर रविंद्र पाल अहलावत, शारीरिक शिक्षा विभाग केंद्रीय विवि महेंद्रगढ़, डॉ. सतीश कुमार, एमडीयू रोहतक व डॉ. सुनीता दुग्गल जीव विज्ञान विभाग राजकीय कॉलेज, अलेवा।
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जांच टीम मंगलवार को भी आई। जिन लोगों को विजिलेंस टीम ने बुलाया गया है, वहीं विजिलेंस से मिल सकते हैं। जांच का काम विजिलेंस का है।
-डॉ. राजेश बंसल, सीआरएसयू, जींद।
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