तीन दिन अभ्यर्थियों के लिए स्पेशल बस चलाए जाने पर डिपो की आमदनी में हुआ इजाफा
करीब दस लाख रुपये अतिरिक्त कमाए
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। तीन दिवसीय पुलिस कांस्टेबल परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के लिए स्पेशल बस चलाए जाने पर डिपो को भी आर्थिक रूप से फायदा हुआ। रोडवेज के खाते में करीब दस लाख रुपये अतिरिक्त जमा हुए हैं।
आम दिनों में डिपो की बस लगभग 37 हजार किलोमीटर चलती हैं और राजस्व के रूप में लगभग 11 लाख रुपये जमा होते हैं। वहीं रविवार 31 अक्तूबर को डिपो की बस 31 हजार 836 किलोमीटर दौड़ी, लेकिन राजस्व के रूप में 11 लाख 48 हजार 890 रुपये जमा हुए। वहीं एक नवंबर को डिपो की बस 43 हजार 192 किलोमीटर दौड़ी और राजस्व के रूप में 16 लाख 74 हजार 968 रुपये जमा हुए। वहीं दो नवंबर को डिपो की बस 40 हजार 222 किलोमीटर चली और राजस्व के रूप में 15 लाख 56 हजार रुपये जमा हुए। रविवार को डिपो की बस अन्य दिनों की अपेक्षा पांच हजार किलोमीटर कम जरूर चली, लेकिन राजस्व के रूप में लगभग 50 हजार रुपये ज्यादा जमा हुए। वहीं एक नवंबर को डिपो को अन्य दिनों की अपेक्षा साढ़े पांच लाख से अधिक रुपये और दो नवंबर को साढ़े चार लाख अधिक रुपये राजस्व के रूप में जमा हुए।
एचएसएससी की ओर से पुरुष पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए 31 अक्तूबर से लेकर दो नवंबर तक यमनुनागर, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम व फरीदाबाद में परीक्षा आयोजित की गई थी। जिलेभर से तीन दिन में 40 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए दूसरे जिलों में पहुंचे थे। अभ्यर्थियों के लिए डिपो ने स्पेशल बसों का परिचलान किया था।
स्पेशल बस चलाए जाने से हुआ फायदा
तीन दिवसीय परीक्षा के दौरान डिपो ने अभ्यर्थियों के लिए स्पेशल बस चलाई थी। 31 अक्तूबर को डिपो ने 38 बसे, एक नवंबर को 30 बसें और दो नवंबर को 20 से अधिक स्पेशल बसों का परिचालन किया था। ऐसे में डिपो को आर्थिक रूप से फायदा हुआ है। डिपो कर्मचारियों व अधिकारियों का प्रयास है कि यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा दी जाए। इसके लिए कर्मचारी तत्पर रहते हैं। साथ ही डिपो के कर्मचारी बधाई के पात्र हैं कि उन्होंने तीन दिवसीय परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी।
-गुलाब सिंह दूहन, रोडवेज जीएम जींद डिपो।