जींद। सरकारी स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं और स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) की भूमिका को लेकर रविवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने प्रदेशभर की एसएमसी के साथ ऑनलाइन संवाद किया। जींद का मुख्य कार्यक्रम राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित किया गया, जहां स्कूल प्रबंधन समिति के 18 सदस्यों ने भाग लिया।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने एसएमसी सदस्यों से स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं, मरम्मत कार्यों और समिति की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि स्कूल प्रशासन मरम्मत और अन्य विकास कार्यों पर खर्च करने से पहले एसएमसी की सहमति लेता है या नहीं। समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित होती हैं या नहीं।
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बैठक में स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान विक्की परुथी ने विद्यालय में बढ़ती छात्र संख्या को देखते हुए चार नए कमरों के निर्माण की मांग रखी। समिति के सदस्यों ने बताया कि विद्यालय में विद्यार्थियों को मिड-डे मील के तहत पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राचार्य अनीता सांगवान ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अभिभावक-शिक्षक बैठकों (पीटीएम) और एसएमसी बैठकों की नियमितता पर भी चर्चा की।
विद्यालय में प्रत्येक माह के तीसरे शनिवार को एसएमसी की बैठक आयोजित की जाती है। नई व्यवस्था के तहत अब स्कूल प्रबंधन समिति की सहमति से विद्यालयों में एक लाख रुपये तक के मरम्मत कार्य कराए जा सकते हैं।