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Jind News: बिना कॉल के निजी एंबुलेंस अस्पताल में खड़ी की तो होगी कार्रवाई

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जींद। नागरिक अस्पताल परिसर में हर समय मंडराने वाले निजी एंबुलेंस चालकों के प्रति अस्पताल प्रशासन सख्त है। अस्पताल प्रशासन ने परिसर में जगह-जगह नोटिस चस्पा किए हैं कि अगर बिना कॉल के कोई भी प्राइवेट एंबुलेंस चालक अपनी एंबुलेंस को अस्पताल परिसर में खड़ा करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसा इसलिए किया गया है कि एंबुलेंस चालक कमीशन के चक्कर में गंभीर मरीजों को सरकारी अस्पतालों की बजाए निजी अस्पतालों में ले जाते हैं। इसके अलावा एंबुलेंस से जो मॉनिटर चोरी का मामला हुआ है, उससे भी स्वास्थ्य विभाग सख्त हुआ है।
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नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में इमरजेंसी वार्ड है। यहां से प्रतिदिन गंभीर मरीजों को पीजीआई रोहतक, मेडिकल कॉलेज अग्रोहा ले जाया जाता है। ऐसे में निजी एंबुलेंस चालक हर समय यहां देखे जाते हैं और जब भी कोई मरीज रेफर किया जाता है तो ये चालक उनके संपर्क में आकर उन्हें निजी एंबुलेंस से ले जाने के लिए बोलते हैं। मरीज की जान बचाने के चक्कर में परिजन निजी एंबुलेंस किराये पर कर लेते हैं, लेकिन रास्ते में सरकारी अस्पतालों में उपचार की सुविधा अच्छी नहीं होने की बात कहकर उन्हें निजी अस्पतालों में ले जाते हैं, जिससे मरीज को आर्थिक नुकसान तक उठाना पड़ता है।


नागरिक अस्पताल को नुकसान भी पहुंचा रहे हैं एंबुलेंस चालक
नागरिक अस्पताल के साथ दीवार लगती है। जहां एंबुलेंस चालक हर समय अपनी एंबुलेंस खड़ी रखते हैं। यहीं से तत्काल अपनी एंबुलेंस को अस्पताल ले जाते हैं और मरीजों को निजी अस्पतालों तक पहुंचाते हैं वहीं नागरिक अस्पताल के पास खड़े निजी एंबुलेंस चालक अब सरकारी अस्पताल को नुकसान पहुंचाने लग गए हैं। नागरिक अस्पताल परिसर में खड़ी एक एंबुलेंस का 25 अप्रैल को मॉनिटर चोरी हो गया। जब सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो एक निजी एंबुलेंस चालक सामने आया, जिसने बाद में मॉनिटर चोरी करने की बात भी स्वीकार कर ली।
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बिना कॉल के कोई भी निजी एंबुलेंस चालक अपनी एंबुलेंस को नागरिक अस्पताल परिसर में खड़ा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निजी एंबुलेंस को अस्पताल में खड़ा नहीं करने को लेकर परिसर में नोटिस को चस्पा कर दिया गया है।
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-डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन
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