जिले में पिछले दो वर्ष से होमगार्ड का प्रशिक्षण देने का काम बंद है। इसका कारण जिला प्रशासन द्वारा गृहरक्षी विभाग को फायर रेंज उपलब्ध नहीं करवाना है। इससे पहले जिले में होमगार्ड का प्रशिक्षण लेने वालों को महिला कॉलेज के खंडहर भवन व इसके अलावा कई निजी स्थानों पर फायर करवाए जाते थे। सितंबर 2018 में गृह रक्षी विभाग के डीसी ने उन सभी जिलों को पत्र लिखकर यह प्रशिक्षण बंद करवाने को कहा था। जहां पर फायर रेंज नहीं थी।
जिले में फायर रेंज नहीं होने से एक तो उन युवाओं को सबसे बड़ी परेशानी हो रही है, जो रोजगार के लिए होमगार्ड का प्रशिक्षण लेकर निजी कंपनियों या फिर किसी के पास सुरक्षा कर्मी के तौर पर नौकरी करना चाहते थे। जिले में प्रति माह लगभग 200 से 250 युवाओं को गृहरक्षी विभाग द्वारा होमगार्ड का प्रशिक्षण दिया जाता था। अब यह काम पूरी तरह से बंद होने के कारण युवाओं व विभाग के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। विभाग कार्यालय में प्रतिदिन आठ से दस युवा होमगार्ड के प्रशिक्षण की जानकारी लेने के लिए आते हैं। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि अब तक विभाग में भी किसी अधिकारी को यह नहीं पता कि जिले में कब दोबारा होमगार्ड का प्रशिक्षण देने का काम शुरू किया जाएगा। इससे पहले पिंडारा में सर्कस वाली जगह तथा बीबीपुर गांव के खेतों में पड़े खंडहरों में शूटिंग करवाई जाती थी। शूटिंग के लिए सुनसान क्षेत्र की जरूरत होती है, ताकि किसी को नुकसान नहीं हो।
200 से ज्यादा युवाओं की सितंबर 2018 की फायर बाकी
गृह रक्षी विभाग के डीजी के आदेश के बाद 2018 में यह प्रशिक्षण का काम बंद करवा दिया गया था। सितंबर 2018 के बैच में जिन युवाओं ने होमगार्ड का प्रशिक्षण लिया था। उन सभी की फायर शूटिंग करवानी भी अधूरी है। यह युवा भी अब इसके लिए चक्कर काट रहे हैं।
होमगार्ड का प्रशिक्षण शुरू करने के लिए डीसी को फायर रेंज उपलब्ध करवाने के लिए पत्र लिखा जा चुका है। इसके लिए खुंगा कोठी व राजीव गांधी कॉलेज उचाना में स्थान मांगा गया था। इन दोनों जगहों पर फायर रेंज सुरक्षा की दृष्टि से उचित होने का अनुमान था। इसके अलावा डीआईजी को फायर शूटिंग करवाने के लिए अनापति प्रमाण पत्र लिखा है। अब प्रशासन की तरफ से जो आदेश मिलेंगे। उनके आधार पर ही युवाओं को होमागार्ड का प्रशिक्षण देने का काम शुरू किया जाएगा।
- हरिशंकर सहायक कमांडेंट गृहरक्षी विभाग जींद।