दिल्ली अदालत ग्रुप-डी पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने हरियाणा रोडवेज हिसार के परिचालक को काबू किया है। जांच में सामने आया है कि परिचालक पेपर सॉल्व करने में शामिल था और छापा मारने के दौरान भाग निकला था। एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर अदालत से दो दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेगी।
उचाना थाना पुलिस ने 28 फरवरी को गांव काकड़ौद व नचारखेड़ा के बीच से गुजरने वाली माइनर के साथ मुर्गी फार्म पर छापा मारकर दिल्ली अदालत के ग्रुप-डी के पेपर लीकेज के मामले को पकड़ा था। पेपर को मुर्गी फार्म में साल्व कर परीक्षा केंद्रों पर भेजा जा रहा था। उचाना थाना पुलिस ने उचाना थाना प्रभारी रविंद्र की शिकायत पर मकान व मुर्गी फार्म मालिक कृष्ण, अशोक, गांव काकड़ौद निवासी मनजीत, गांव दनौदा कलां निवासी सुरेंद्र, गांव दनौदा खुर्द निवासी हरदीप समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आईटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस जांच में गांव चांग निवासी देवेंद्र का नाम सामने आया था। देवेंद्र हरियाणा रोडवेज हिसार डिपो में परिचालक के पद पर कार्यरत है। 28 फरवरी को देवेंद्र गांव काकड़ौद के निकट मुर्गी फार्म पर पेपर साल्व कर रहा था। पुलिस के छापा मरने की भनक लगने पर वह भाग निकलने में कामयाब हो गया था। एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।