नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में स्थापित किया गया कोरोना वार्ड। संवाद
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जींद। कोरोना संक्रमण की पहली व दूसरी लहर से जिले में स्वास्थ्य सेवाएं काफी मजबूत हुई हैं। दूसरी लहर में जहां ऑक्सीजन की किल्लत महसूस हुई, वहीं अब ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने के बाद इसकी कमी की संभावना से छुटकारा मिल चुका है। नागरिक अस्पताल में पहली लहर के दौरान एक भी वेंटिलेटर नहीं था। दूसरी लहर में छह वेंटिलेटर काम कर रहे थे, लेकिन इस समय नागरिक अस्पताल में 33 वेंटिलेटर काम कर रहे हैं। अस्पताल में 80 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी मौजूद हैं, जो हर समय तैयार रखे गए हैं।
कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। यह वैरिएंट काफी खतरनाक बताया जा रहा है। फिलहाल इस वैरिएंट की दस्तक जिले में नहीं हुई है। फिर भी यह वैरिएंट कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के लिए जिम्मेदार हो सकता है। इसकी सभी तैयारियां स्वास्थ्य विभाग ने कर ली हैं। नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग के प्रथम व द्वितीय तल को कोरोना मरीजों के लिए बनाया गया है। फिलहाल इन दोनों वार्डों में अन्य मरीजों को रखा गया है। फिलहाल इन वार्डों में दस कमरे खाली हैं, जो कोरोना मरीजों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। यदि अधिक मरीज आए तो दोनों वार्डों को पूरी तरह से खाली करवा दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के पास 33 वेंटिलेटर हैं, जो पूरी तरह से चालू हालत में हैं। इन सभी को ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई के साथ जोड़ा गया है। इसके अलावा 80 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी हैं जो मरीजों की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाएंगे। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट को देखते हुए फिर से स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मचारियों की लगातार बैठकें हो रही हैं तथा सभी तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।
एसएमओ डॉ. गोपाल गोयल ने बताया कि हर हालात से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। नागरिक अस्पताल में 33 वेंटिलेटर और 80 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तैयार रखे गए हैं। इसके अलावा हर पीएचसी व सीएचसी पर स्टाफ को पूरी तरह से तैयार रखा गया है। फिलहाल नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में दस कमरे सुरक्षित रखे गए हैं। इनमें कोरोना मरीजों को रखा जाएगा। यदि जरूरत पड़ी तो पूरी पुरानी बिल्डिंग को कोरोना के लिए प्रयोग किया जा सकता है।