बच्चों को किट भेंट करते स्वास्थ्य अधिकारी। विज्ञप्ति
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जींद। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को डीएवी स्कूल में जाकर अंतरराष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस पर बच्चों को संस्कारित जीवन जीने का पाठ पढ़ाया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बच्चों को बुजुर्गों की सेवा करने व उनकी आज्ञा का पालन करने की भी नसीहत दी। एसएमओ डॉ. नरेश वर्मा व डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला मुख्य वक्ता रहे।
स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों को लेखन सामग्री की किट भी भेंट की। डॉ. नरेश वर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य वृद्ध लोगों की स्थिति के बारे में जागरूकता फैलाना है और उन्हें शिष्टाचार की प्रक्रिया के माध्यम से समर्थन देना है। इस दिन बुजुर्गों के अनुभवों के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को कुछ सीखने को मिले। बुजुर्ग अपना पूरा जीवन रिश्तों की देखभाल में लगाते हैं। अपने परिवार के लिए पूरे जीवन इस तरह की निस्वार्थ सेवा करने के लिए भी उन्हें कुछ महत्व देना चाहिए। डॉ. राजेश भोला ने कहा कि वृद्ध हमारे सम्माननीय हैं। यह दिन पोते-पोतियों के लिए अपने दादा-दादी के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक दिन है और माता-पिता यह महसूस कराने का कि वह ऐसे बुजुर्गों को पाकर ईश्वर के कितने आभारी हैं। हमें उनके अनुभवों से सीखने की जरूरत होती है। इस मौके पर स्वास्थ्य कर्मचारी कविता, सुमन, शीतल भी मौजूद रहीं।