खटकड़ टोल पर हवन करते किसान। संवाद
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जींद। उतर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में केंद्रीय मंत्री के बेटे के काफिले की गाड़ी से कुचल कर मारे गए किसानों की याद में मंगलवार को जिलेभर में शोक सभाएं हुईं। इस दौरान मुख्य आयोजन खटकड़ टोल प्लाजा पर हुआ। यहां किसानों हवन कर उक्त किसानों की आत्म की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही जिले भर में कई जगह शाम को कैंडल मार्च निकाला गया।
खटकड़ टोल पर किसान नेता सतबीर पहलवान ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना सरकार के अहंकार को दिखती है। लेकिन किसानों ने तय किया है कि वो शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चलाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली लालकिले से लेकर अब तक हुए सभी प्रकरणों में अब साफ हो चुका है कि सरकार किसान आंदोलन को बदनाम करना चाहती है। इसके लिए हर प्रकार के ओछे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। इसके बावजूद किसान शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चला रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कंडेला गांव में मंगलवार शाम को किसानों की याद में कैंडल मार्च निकाला गया। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता छज्जूराम कंडेला ने कहा कि देश में लंबे समय के बाद किसान इस प्रकार एकता के साथ सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के बीच में फूट डालने का प्रयास कर रही है, लेकिन किसान इस चाल को समझ रहे हैं।