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हरियाणा: मनोहर लाल बोले- पंजाब पहले एसवाईएल का पानी व हमारे 400 हिंदी भाषी गांव दे, उसके बाद आगे की बात होगी

Sun, 03 Apr 2022 08:03 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सफीदों, जींद (हरियाणा)

सार

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने जींद में सफीदों की पुरानी अनाज मंडी में हुई जनसभा को संबोधित किया। चंडीगढ़ पर पंजाब विधानसभा में पास हुए प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंजाब सरकार को घेरा।
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जनसभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल। विज्ञप्ति - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पंजाब सरकार द्वारा चंडीगढ़ को लेकर विधानसभा में प्रस्ताव पास करने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि चंडीगढ़ पर दावा करने से पहले पंजाब को एसवाईएल से हरियाणा के हिस्से का पानी देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता संभल जाए। पंजाब हरियाणा का बड़ा भाई और बड़े को छोटे के हितों के बारे में भी सोचना चाहिए।  रविवार को सफीदों की पुरानी अनाज मंडी में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह बात कही।

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जनसभा में उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा का बड़ा भाई है। बड़े भाई का फर्ज बनता है कि छोटे भाई के साथ सही व्यवहार करे। छोटे भाई के हितों की भी चिंता करे, लेकिन पंजाब की सरकार ने गलत निर्णय लेते हुए हरियाणा के हितों के साथ कुठाराघात करना शुरू कर दिया। छोटे भाई हरियाणा के हितों के खिलाफ जाते हुए चंडीगढ़ पर अपना हक जताया है।

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पंजाब पहले #SYL का पानी दे, हमारे 400 हिंदी भाषी गांव दे, उसके बाद आगे की बात होगी।

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- Manohar Lal (@manoharlalbjp) 3 Apr 2022

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पंजाब ने चंडीगढ़ पर अपना हक तो जता दिया, लेकिन एसवाईएल का मुद्दा शायद में भूल गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी पंजाब को हरियाणा के हिस्से का पानी देने की बात कही है, लेकिन इसके बावजूद भी पंजाब उस पानी को रोके हुए है। जब पंजाब हरियाणा को उसके हक का पानी नहीं दे रहा तो दिल्ली के लिए वह सरकार किस मुंह से हरियाणा से पानी मांगता है। इसके अलावा पंजाब के 400 हिंदी भाषी गांवों का मुद्दा भी अभी लंबित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कुछ लोगों के बहकावे में पंजाब सरकार ऐसे फैसले ले रही है। 

कोरोना व किसान आंदोलन रहे दुर्भाग्यपूर्ण
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पिछले दो साल काफी दुर्भाग्यपूर्ण रहे। एक तो कोरोना संक्रमण, दूसरा किसान आंदोलन। उन्होंने कहा कि चंद लोग हेकड़ी दिखाते थे कि वे गांवों में घुसने नहीं देंगे। हालांकि इसके बावजूद गांव में आ सकते थे, लेकिन विरोध करने वाले भी अपने ही लोग थे। इसके चलते वे दो साल तक लोगों के बीच में नहीं आए।

भ्रष्टाचार पर सफाई देते रहे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री मनोहर लाल अपने संबोधन के दौरान काफी देर तक भ्रष्टाचार पर सफाई देते रहे। उन्होंने कहा कांग्रेस के शासनकाल में भ्रष्टाचार की नदियां बहती थी। आज भी आरोप लगाते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार करने वालों का नाम नहीं बताते। उन्होंने कहा कि इस पर अंकुश लगाया गया है। सभी काम ऑनलाइन पॉर्टल से हो रहे हैं। इससे सेवा लोगों तक पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि अब तक भ्रष्टाचार के खिलाफ काम हो रहा था, अब भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अभियान चलेगा। लोगों को जहां भी भ्रष्टाचार मिले, वे सरकार तक इसे पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक एक हजार से अधिक लोगों को भ्रष्टाचार के चलते जेल भेजा जा चुका है। 

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