हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तो उन्होंने ठेकेदारी प्रथा को बंद किया था। अब भाजपा-जजपा सरकार खुद ठेकेदार बन गई है। पक्की नौकरियों को कौशल निगम के जरिये कच्ची नौकरी में बदला जा रहा है। इसमें नौकरी की कोई गारंटी नहीं है कि कब छीन ली जाए और पेंशन तो बिल्कुल भी नहीं है।
नौ वर्ष में भाजपा-जजपा सरकार ने प्रदेश को कहां से कहां पहुंचा दिया। आज अस्पतालों में ने डॉक्टर हैं, स्कूलों में न शिक्षक हैं और न ही दफ्तरों में कर्मचारी हैं। हुड्डा सफीदों की पुरानी अनाजमंडी में विधायक सुभाष गांगोली की ओर से आयोजित जनाक्रोश रैली को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की सड़कें टूटी हुई हैं। इस सरकार ने कोई ऐसा काम नहीं किया जिसकी प्रशंसा की जा सके। जो हरियाणा 2014 से पहले तक प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति निवेश, नौकरी देने में नंबर एक पर था, वह आज बेरोजगारी, अपराध में नंबर एक पर है। हरियाणा में दो लाख सरकारी पद खाली पड़े हैं।
बड़े पदों पर जो भर्ती होती है, उसमें हरियाणा के नहीं, दूसरे प्रदेशों के बच्चे भर्ती होते हैं। प्रदेश को पोर्टलों के झंझट में फंसा दिया गया है। कहीं परिवार पहचान पत्र तो कहीं मेरी फसल मेरा ब्योरा बाधा बनी हुई है। पहले किसान खेत से सीधा मंडी में फसल ले जाकर बेचता था, अब पोर्टल के भरोसे बैठा रहता है और उसे बारिश ओलावृष्टि से नुकसान हो जाता है तो मंडियों में एमएसपी तक नहीं मिलती।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसान की आमदनी दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन किसान की लागत तीन गुनी हो गई है। हमारी सरकार आने पर गृहणियों को 500 रुपये में रसोई गैस सिलिंडर देंगे। हर परिवार को 300 यूनिट बिजली मुफ्त देंगे। हर बुजुर्ग को 6000 महीना पेंशन देंगे। कर्मचारियों की पुरानी पेंशन स्कीम की जाएगी, 100-100 गज मुफ्त प्लॉट योजना को फिर से लागू करेंगे।
क्रीमी लेयर सीमा को छह लाख से बढ़ाकर 10 लाख करेंगे। नौजवानों को खाली पड़े दो लाख सरकारी पदों पर पक्की भर्ती करेंगे। सफीदों में आईएमटी बनाई जाएगी। इस अवसर पर पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, विधायक जगबीर मलिक, गीता भुक्कल, जयवीर वाल्मीकि, राव दान सिंह, बीबी बत्रा, बलबीर वाल्मीकि, इंदुराज नरवाल, प्रोफेसर वीरेंद्र, पूर्व विधायक परमेंद्र ढुल, पदमसिंह दहिया, नरेश सेलवाल, बिजेंदर कादयान, सुरेश गोयत, पवन गर्ग, प्रमोद सहवाग, बलजीत रेढू, धर्मेंद्र ढुल, करतार सैनी, जगबीर ढिगाना, सारंग शमशेर ढाठरथ भी मौजूद रहे।