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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज करना सरकार की ओछी नीति : सुमन

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जींद। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने वेतन बढ़ोतरी व स्थायी कर्मचारी घोषित करने की मांग को लेकर ग्रीन बेल्ट में वीरवार को 37वें दिन भी धरना जारी रखा। धरने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बुधवार को किए गए जेल भरो आंदोलन के दौरान महिलाओं को गिरफ्तार कर सड़कों पर घुमाने तथा दूर दराज के स्थानों पर ले जाकर छोड़ने के कार्य की निंदा की। उन्होंने कहा कि वह सरकार की दमन की नीति से पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायकों के खिलाफ केस दर्ज करना सरकार की ओछी नीति है। उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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जिला सचिव सुमन ने कहा कि प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को मानने की अपेक्षा उन पर कोरोना महामारी के नाम पर मुकदमे दर्ज कर उनकी आवाज को दबाना चाहती है, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता किसी भी सूरत में सरकार की इन घिनौनी हरकतों से अपनी आवाज को नहीं दबाएंगी।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से बुधवार को आंदोलन के दौरान महिलाओं को प्रताड़ित किया गया। वह सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों का परिणाम है। इसमें उन्होंने कहा कि प्रशासन ने महिलाओं को हर तरह से प्रताड़ित कर उनके 12 नेताओं को नामजद कर व 300 अन्य के खिलाफ जो मुकदमे दर्ज किए हैं। वह उनके खिलाफ भी अपनी आवाज को उठाएंगे। इसमें उन्होंने कहा कि इस तरह से आज तक किसी भी सरकार ने महिलाओं पर इतनी संख्या में मुकद्में दर्ज करने का काम नहीं किया, लेकिन भाजपा सरकार बर्बरता के तहत उनको दबाना चाहती है, लेकिन वह अपने हक के लिए लगातार अपनी आवाज को बुलंद करेंगी।
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