16जेएनडी16: मोहनगढ़ गांव में बैनर के माध्यम से ग्रामीणों को जानकारी देते हुए स्वास्थ्यकर्मी। स्
- फोटो : बच्चों को मीजल्स-रूबेला टीकाकरण कराते सीएमओ। स्रोतः स्वास्थ्य
जींद। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को गांव मोहनगढ़ में जागरूकता सभा का आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को गति देना और गर्भवती महिलाओं व ग्रामीणों को पीएनडीटी जानकारी देना रहा।
स्वास्थ्य कर्मी रामदयाल, सुमन और रीना एमपीएचडब्ल्यू ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या समाज के माथे पर एक कलंक है और इस समस्या के समाधान के लिए केवल सरकार ही नहीं बल्कि पूरे समाज को मानसिकता बदलनी होगी।
उन्होंने कहा कि अपनी रूढ़िवादी सोच को पीछे छोड़कर यह स्वीकार करना होगा कि बेटा और बेटी एक समान हैं। संतान ईश्वर की देन हैं और हम किसी के भाग्य विधाता नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि जब समाज बेटियों को सम्मानजनक स्थान देगा तभी लिंगानुपात में सुधार आएगा।
सीएचओ हीना ने कहा कि आज लड़कियां हर क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ रही हैं। लिंग जांच करवाना एक गंभीर कानूनी अपराध है जिसमें भारी जुर्माने और जेल की सजा का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि लिंग जांच करने वाले दोषियों को पकड़वाने वाले व्यक्ति को सरकार की ओर से इनाम दिया जाता है और उसकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं और ग्रामीणों को बेटियों की सुरक्षा और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर रीना, उषा (आशा वर्कर) सहित गांव की महिलाएं मौजूद रहीं।