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Jind News: रामराय में पहली सर्वजातीय महिला खाप महापंचायत, महिलाओं ने भरी सामाजिक बदलाव की हुंकार

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23जेएनडी16: पत्रकार वार्ता कर जानकारी देते हुए डॉ. संतोष दहिया। संवाद
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जींद। सर्वजातीय नौगामा खाप के चबूतरे पर रामराय गांव में रविवार को पहली सर्वजातीय महिला खाप महापंचायत हुई। इसमें 21 गांवों की महिलाओं और युवतियों ने भाग लिया।
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महापंचायत में लिव-इन रिलेशनशिप, लव मैरिज, दहेज प्रथा, नशे और गन कल्चर सहित कई सामाजिक मुद्दों पर चर्चा हुई। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने का फैसला लिया गया।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए खाप से जुड़े प्रत्येक गांव में 11 सदस्यीय कमेटी गठित करने पर सहमति बनी। ये कमेटियां गांव स्तर से अभियान की शुरुआत कर स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों तक पहुंचेंगी और युवाओं व महिलाओं को सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करेंगी।
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महापंचायत की अध्यक्षता सर्वजातीय सर्वखाप पंचायत महिला विंग भारत की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. संतोष दहिया ने कहा कि नौगामा खाप ने महिला महापंचायत आयोजित कर नई पहल की है। महिलाएं समाज की करीब 50 प्रतिशत आबादी हैं इसलिए सामाजिक निर्णयों में भी उनकी भागीदारी 50 प्रतिशत होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग खापों को महिला विरोधी बताकर बदनाम करते हैं लेकिन रामराय में आयोजित महापंचायत ने इस धारणा को गलत साबित किया है। यहां महिलाओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर खाप चौधरियों के साथ सामाजिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी।
मौके पर हरपाल ढुल, उमेद सिंह जागलान, सज्जन रेढ़ू, जयबीर ढुल, सुरेश शर्मा, राजबीर फौजी वाल्मीकि, राजबीर सैनी, कृष्ण सरपंच, अत्तर सिंह बेरी, आरती सरपंच, एडवोकेट सुदेश, उर्मिला मौजूद रहीं।
महिला महापंचायतों को आगे भी जारी रखने पर जोर
डॉ. संतोष दहिया ने कहा कि नौगामा खाप ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जो निर्णय लिए हैं उन्हें लागू करने के लिए गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी के लिए नौगामा खाप का आभार जताया और कहा कि आगे भी महिला महापंचायतों का आयोजन जारी रखा जाएगा।
युवतियों ने खापों की सामाजिक व्यवस्था पर जताया भरोसा
नौगामा खाप प्रधान जयबीर लोहान ने महापंचायत की अध्यक्षता डॉ. संतोष दहिया को सौंपते हुए महिलाओं को खुलकर अपनी बात रखने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं और लड़कियां बेबाकी से अपनी राय रखेंगी और खाप चौधरी उनकी बात सुनेंगे। महापंचायत में सीआरएसयू की एमए छात्रा अंशिका ढुल ने खापों की सामाजिक न्याय व्यवस्था में विश्वास जताते हुए कहा कि खापों के मजबूत सामाजिक तंत्र से महिलाओं को भी सहयोग मिलता है। उन्होंने खेलों में महिलाओं की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। संजना सातरोड, इंदु लोहान सहित कई युवतियों ने भी अपने विचार रखे।

23जेएनडी16: पत्रकार वार्ता कर जानकारी देते हुए डॉ. संतोष दहिया। संवाद

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