जींद। जिले के किसान लगातार धान के अवशेष जला रहे हैं। प्रशासन की तमाम पाबंदियों के बाद भी किसान अवशेष जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। शनिवार को धान के अवशेष जलाने पर जिले में छह किसानों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा एक किसान को गिरफ्तार किया गया है।
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जिले में अब तक 90 किसानों पर दर्ज हुई एफआईआर
धान के अवशेष जलाने पर जिले में अब तक 90 किसानों पर एफआईआर दर्ज हुई है। कृषि विभाग के अधिकारियों को अब तक सेटेलाइट के माध्यम से 124 जगह धान के अवशेष जलाने की जानकारी मिल चुकी है। इनमें से 105 लोकेशन सही मिली है। अब तक सवा दो लाख रुपये का किसानों पर जुर्माना भी लगाया गया है। इसके अलावा 132 एकड़ जमीन को रेड मार्क किया गया है। अब इस जमीन में पैदा होने वाली फसल को किसान सरकारी दाम पर मंडियों में नहीं बेच पाएगा।
इन किसानों पर दर्ज हुई एफआईआर
जिले में शनिवार को धान के अवशेष जलाने पर नारायणगढ़ निवासी काला, उझाना निवासी जयपाल, विक्रम, खरल निवासी गोपीराम, धमतान साहिब निवासी रामफल व घसो निवासी सुनील के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। इसके अलावा दनौना निवासी किसान वीरभान को गिरफ्तार किया गया है। उसे बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
प्रदूषण स्तर बढ़ने से जिले में ग्रैप-3 लागू किया गया है। जहां पर निर्माण कार्य चल रहे हैं। उन पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा किसानों पर पुलिस में मामले दर्ज करवाए जा रहे हैं। किसानों को चाहिए कि वह धान के अवशेष न जलाएं। पर्यावरण प्रदूषण से मानव जीवन को खतरा बना हुआ है। -अनिल कुमार, वैज्ञानिक बी एसडीओ, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।