पिल्लूखेड़ा अनाज मंडी में यूरिया के लिए लाइन में लगे किसान। संवाद
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पिल्लूखेड़ा। अभी डीएपी की किल्लत खत्म ही हुई थी कि यूरिया को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ गई है। पिल्लूखेड़ा में यूरिया लेने के लिए किसानों को लंबी लाइनें लगानी पड़ रही हैं। महिलाओं को भी यूरिया के लिए चूल्हा-चौका छोड़ कर लाइन में लगना पड़ रहा है।
वीरवार को पिल्लूखेड़ा अनाज मंडी में केवल एक ही ट्रक यूरिया पहुंचा। किसानों को जैसे ही खाद आने की भनक लगी, उन्होंने मंडी के गेट पर ट्रक रोक लिया और खाद की मांग करने लगे। ट्रक को रोकने की सूचना पर खंड कृषि अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र व कृषि विकास अधिकारी डॉ. रविंद्र मौके पर पहुंचे। किसानों से बातचीत करके ट्रक को दुकान पर ले जाया गया। खंड कृषि अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र व कृषि विकास अधिकारी डॉ. रविंद्र ने यूरिया किसानों को सही तरीके से वितरित कराने में मदद की। इस दौरान किसानों की लंबी-लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गईं। इसमें महिलाएं भी चूल्हा-चौका छोड़कर खाद खरीदने के लिए पहुंचीं। किसानों की खाद को लेकर धक्का-मुक्की भी हुई। किसानों को आधार कार्ड के आधार पर यूरिया खाद बांटा गया। पिल्लूखेड़ा में खाद लेने पहुंचे किसानों में राजेश, सुरेश व महिलाओं में ओमपति व शीला ने बताया कि इस बार किसानों को खाद के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले डीएपी के लिए परेशान रहे अब यूरिया के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है। खंड कृषि अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र ने कहा कि पर्याप्त मात्रा में यूरिया के लिए विभाग को मांग भेजी गई है। जैसे ही यूरिया आएगा, लोगों को सामान्य तरीके से उपलब्ध करवा दिया जाएगा।