जींद/उचाना। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में एक साल तक आंदोलन चलाकर किसान अब घर लौटने लगे हैं। शनिवार को जिलेभर में दिल्ली से लौट रहे किसानों का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान गांव-गांव में उन पर फूल बरसाए गए और मिठाइयां बांटकर कृषि कानून वापस होने पर खुशी मनाई गई।
कई जगहों इस खुशी का इजहार करने के लिए डीजे भी लगाया गया। यहां हरियाणा व पंजाब के किसानों ने जमकर डांस किया। इधर, जींद के खटकड़ टोल प्लाजा का धरना 14 दिसंबर तक चलेगा। 14 दिसंबर को किसान नेता राकेश टिकैत व गुरनाम सिंह चढूनी धरने पर आएंगे और इसके बाद धरना समाप्त होगा। धरना कमेटी 15 दिसंबर को टोल प्लाजा प्रशासन को सुपुर्द करेगी।
दिल्ली से पंजाब की ओर जाने वाले किसानों ने रोहतक-जींद व गोहाना-जींद का मार्ग अपनाया हुआ है। सुबह से ही किसानों के जत्थे पहुंचने शुरू हो गए। हालांकि सुबह 11 बजे से ही विभिन्न स्थानों पर किसानों पर फूल बरसाने शुरू किए। इसके लिए मुख्य रूप से जींद के नए बस स्टैंड के पास, जुलाना, निडाना गांव के बस स्टॉप, चीनी मिल के सामने किसान लंगर, खटकड़ टोल, उचाना व नरवाना में स्वागत समारोह हुए। दिल्ली से लौट रहे किसानों का हरियाणा के किसानों ने दिल खोल कर स्वागत किया। स्वागत के चलते पंजाब के किसान भी खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने जमकर डांस किया। इस दौरान महिला किसानों ने भी पंजाब के लोकगीत गाकर खुशी का इजहार किया। खटकड़ टोल पर आसपास के गांवों से भारी तादाद में लोग मौजूद रहे। किसानों ने हरियाणा, पंजाब भाईचारा जिंदाबाद के नारे लगाते हुए पंजाब, हरियाणा के किसान आपस में गले मिले।
हलवा, खीर व जलेबी खिलाकर किया स्वागत
उचाना की अतिरिक्त मंडी में लगे भंडारे में किसानों के लिए विशेषतौर पर देसी घी की जलेबी, खीर, हलवा, पूरी-सब्जी, पकौडे़ का प्रबंध किया गया। लस्सी, कढ़ी व रायता भी बनाया गया। यहां पर सुबह पांच बजे से ही किसान आने लगे थे। जैसे-जैसे समय बीतता गया किसानों की संख्या यहां पर बढ़ती गई। यहां करीब दस हजार से अधिक किसानों के खाने की व्यवस्था थी। आसपास के गांवों से पहुंचे किसान गांव से दूध लेकर यहां पहुंचे, ताकि चाय, खीर में दूध की कमी न पड़े। दिल्ली से आ रहे किसानों ने अपने-अपने ट्रैक्टरों को फूलों, गुब्बारों से सजाया हुआ था।
चेहरे पर उत्साह, आंखों में उम्मीद दिखी
दिल्ली से लौट रहे किसान भले ही एक साल तक आंदोलन में रहे, लेकिन कृषि कानून वापस होने पर इनके चेहरों पर उत्साह व आंखों में उम्मीद साफ दिखी। पंजाब के मोगा जिले से लौट रही महिलाओं ने कहा कि उन्होंने तय कर लिया था कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे, घर नहीं लौटेंगे। हालांकि एक साल तक यह आंदोलन चला, लेकिन अब किसी भी प्रकार की थकान नहीं है। वहीं किसानों ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि इतना जोरदार स्वागत होगा। हरियाणा व पंजाब के भाईचारे का अध्याय आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देता रहेगा।
जींद में कांग्रेसियों व आढ़तियों ने किया स्वागत
वहीं जींद में नए बस स्टैंड के पास जींद अनाज मंडी के आढ़तियों व कांग्रेस नेताओं ने किसानों का स्वागत किया। काफी युवा दिल्ली से लौट रहे बुजुर्ग किसानों के साथ सेल्फी लेते नजर आए। यहां कांग्रेस नेता प्रमोद सहवाग ने कहा कि यह दिन केंद्र सरकार के अहंकार की हार के जश्न के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों से जो भी वादे किए हैं, वे पूरे किए जाएं।
कंडेला खाप ने जताई किसानों की वापसी पर खुशी
वहीं कंडेला खाप ने चबूतरे पर प्रधान धर्मपाल कंडेला की अध्यक्षता में बैठक कर किसान आंदोलन स्थगित होने व किसानों के घर वापसी पर खुशी जताई गई। कंडेला ने कहा कि अब सरकार को चाहिए कि किसानों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
14 को पहुंचेंगे राकेश टिकैत और चढूनी
खटकड़ टोल प्लाजा कमेटी के संयोजक सतबीर पहलवान ने बताया कि अभी पंजाब के किसान दिल्ली से लौट रहे हैं। ऐसे में 14 दिसंबर तक टोल पहले की तरह ही बंद रहेगा। 14 दिसंबर को खटकड़ टोल पर राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढूनी सहित कई अन्य नेता भी शिरकत करेंगे। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया जाएगा। वहीं 15 दिसंबर को टोल प्लाजा कमेटी विधिवत रूप से टोल प्लाजा प्रशासन व कंपनी को सुपुर्द करेगी।