डीएपी की किल्लत के बाद अब किसानों को यूरिया की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने खाद न मिलने पर जाम लगाकर की नारेबाजी। सफीदों में किसानों ने खाद से भरे ट्रक आगे लेटकर रुकवा दिए। बादम में पुलिस को खाद वितरण की पर्चियां काटनी पड़ी।
हरियाणा के जींद जिले के सफीदों कस्बे में डीएपी के बाद अब जिले के किसानों को यूरिया के लिए भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके चलते बुधवार सुबह से ही सफीदों में काफी हंगामा रहा। किसानों ने यूरिया के ट्रक के आगे लेट कर विरोध जताया। यूरिया पहुंचने की सूचना पर सुबह पांच बजे ही सैकड़ों किसान पहुंचे रेलवे स्टेशन पहुंच गए।
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पुरानी अनाज मंडी के हाट रोड वाले गेट पर किसानों जाम लगाकर जमकर नारेबाजी की। इस पर एसडीएम डॉ. आनंद कुमार शर्मा व थाना प्रभारी सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे। वहीं किसानों ने लोड होकर जा रहे ट्रकों को भी सड़क पर लेट कर रोक लिया। इसके बाद पुलिस ने पर्चियां काटी और किसानों को खाद दिया गया।
दरअसल मंगलवार सुबह पांच बजे ही यूरिया के 58 हजार कट्टे लेकर मालगाड़ी सफीदों के रेलवे स्टेशन पर पहुंची। इसकी भनक लगते ही किसान हजारों किसान पुरानी अनाज मंडी में खाद लेने पहुंच गए। इसके चलते लंबी लग गई। इसी बीच खाद से भरे ट्रक पुरानी मंडी में आना शुरू हो गए। कुछ ही देर बाद ही ट्रक मंडी से वापस निकलना शुरू हो गए।
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ट्रक को वापस जाता देखकर किसान आक्रोशित हो गए। किसानों ने वापस जा रहे ट्रक को रोकने का प्रयास किया लेकिन एक ट्रक चालक ने गाड़ी नहीं रोकी। किसानों ने ट्रक का पीछा करते हुए उसे पुरानी अनाज मंडी के हाट रोड वाले गेट पर रोक लिया। उसके बाद किसान ट्रक के आगे लेट गए। कुछ किसान ट्रक के ऊपर चढ़ गए। उसके बाद सैकड़ों किसान हाट रोड पर जमा हो गए और फाटक की ओर से आने वाले खाद से भरे ट्रकों को रोकना दिया। ट्रक चालकों ने विरोध किया तो किसानों ने साफ किया कि या तो ट्रक पुरानी अनाज मंडी में जाएंगे या वहीं पर ही रुके रहेंगे।
किसान बोले- बाहर नहीं जाने देंगे सफीदों के किसानों का हक
वहीं जाम लगा रहे किसानों ने कहा कि प्रशासन मिलीभगत कर सफीदों क्षेत्र के किसानों के हक का यूरिया बाहर भेज रहा है। इन लोगों ने साफ किया कि सफीदों क्षेत्र के किसानों के हक का खाद किसी भी तरीके से बाहर नहीं जाने देंगे। उसके बाद खाद से भरे ट्रक पुरानी अनाज मंडी में प्रवेश करना शुरू हो गए। इन लोगों ने कहा कि यूरिया की कालाबाजारी चल रही है जबकि स्थानीय किसानों को यूरिया नहीं मिल रहा है। किसानों को खाद के साथ-साथ कीटनाशक भी थोपा जा रहा है।
जरूरत साढ़े 15 लाख बैग की पहुंचा दस लाख
वहीं कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में इस मौसम में करीब साढ़े 15 लाख बैग की जरूरत होती है। इसकी मांग सरकार को भेजी गई है। इसके बावजूद अभी तक जिले में करीब दस लाख बैग यूरिया ही पहुंचा है।
सफीदों के लिए 28 हजार बैग
इस दौरान मौके पर पहुंचे एसडीएम आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि यूरिया की कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी। यदि कोई विक्रेता यूरिया के साथ जबरन कीटनाशक बेचता है तो उसकी शिकायत किसान करें। इस पर कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि 58 हजार बैग यूरिया आया है। इसमें से सफीदों को 28 हजार बैग मिले हैं। जल्द ही दूसरी खेप भी आएगी। किसानों को यूरिया मुहैया करवाया जाएगा।