चीनी मिल के पास चल रहे लंगर पर मौजूद किसान।
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जींद। चीनी मिल के सामने लगे किसान लंगर पर दिल्ली से खबर सुनते ही सैकड़ों किसानों ने जीत का जश्न मनाया। सबसे पहले हेलिकॉप्टर में मारे गए जवानों के प्रति शोक प्रकट करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद संयुक्त मोर्चा व सरकार के बीच हुए समझौते की जानकारी देते हुए किसान सभा के राज्य प्रधान फूल सिंह श्योकंद ने कहा कि सरकार के साथ समझौते के बाद आंदोलन को वापस लेने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि समझौते के मुताबिक किसानों व मजदूरों पर सभी प्रकार के दर्ज मुकदमे वापस होंगे। मौत का ग्रास बने किसानों को मुआवजा देने की मांग को मान लिया है और एमएसपी पर खरीद की गारंटी के लिए कमेटी गठित की जाएगी। इसमें कृषि वैज्ञानिकों के साथ सिर्फ मोर्चा के नेताओं को भी शामिल किया जाएगा और पराली वाले कानून में भी फेरबदल होगा। मोर्चे के निर्णय अनुसार 11 दिसंबर को सभी बॉर्डर से जीत का जश्न मनाते हुए किसान अपने घरों को लौट आएंगे। दस दिसंबर को शहीद सीडीएस बिपिन रावत का अंतिम संस्कार होने के कारण कोई जश्न नहीं मनाया जाएगा और इसके बाद 15 जनवरी को मोर्चे की अगली बैठक तय की गई है। ताकि सरकार द्वारा किए गए समझौते लागू करने की समीक्षा की जा सके। इस अवसर पर रामनिवास धनखड़ी, नफे सिंह कुंडू, राकेश खटकड़, कृष्ण मनोहरपुर, बिजेंद्र, राजेंद्र, रामफ ल, रामचंद्र, जोगेंद्र मलिक, वेदप्रकाश, पवन कुमार, रामेश्वर, महाबीर, इंद्र सिंह, अभिषेक व गुरदीप भी मौजूद रहे।