आक्रोशित किसानों को अधिकारियों ने समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वो नहीं माने। रात करीब आठ बजे उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रम रद्द होने की सूचना मिलने के बाद ही किसान शांत हुए।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का विरोध करने के लिए विधानसभा क्षेत्र उचाना कलां के गांव दरोली खेड़ा में किसान दिन भर सड़कों पर डटे रहे। किसानों ने गांव की ओर जाने वाले चारों मुख्य मार्गों को बंद कर दिया। वहीं किसान इन मार्गों पर धरना देकर डटे रहे। किसानों को मनाने के लिए प्रशासन मान-मनौव्वल में लगा रहा, लेकिन किसानों ने स्पष्ट कह दिया कि उपमुख्यमंत्री को गांव में नहीं आने देंगे। इसके बाद रात करीब आठ बजे किसानों को सूचना दी गई कि उपमुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द हो गया है। तब जाकर किसानों का आक्रोश शांत हुआ।
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उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का बुधवार को दरोली खेड़ा गांव में एक शादी समारोह में शिरकत करने का कार्यक्रम था। वहीं जींद में कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग भी करनी थी। शाम करीब चार बजे बजे दुष्यंत चौटाला जींद पार्टी कार्यालय में पहुंच गए। यहां कार्यक्रम होने के बावजूद दुष्यंत चौटाला कार्यालय में रहे। वहीं एसपी नरेंद्र बिजरानिया इसी दौरान शाम करीब सात बजे तक दरोली खेड़ा में किसानों को समझाने का प्रयास करते रहे। इसका किसानों पर कोई असर नहीं हुआ और रात करीब आठ बजे सूचना मिली कि उपमुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द हो गया है। वे शादी में नहीं आएंगे। इसके बाद किसान शांत हुए।
कहीं रोड रोलर लगाया तो कहीं पेड़ काटे
उपमुख्यमंत्री का विरोध करने के लिए किसानों ने दरोली खेड़ा जाने वाले सभी मार्गों को बंद कर दिया था। इसके लिए उचाना से दरोली खेड़ा मार्ग के पास जहां किसानों में मंच लगा रखा था, इसके पास ही सडक़ के बीचोंबीच रोड रोलर भी खड़ा कर दिया। इसके अलावा मंगलपुर, सुरबराह व झील गांवों की तरफ से आने वाले रास्तों पर पेड़ काट कर गिरा दिए गए और ट्रॉली लगाकर रास्ते बंद कर दिए।