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महिला कर्मचारी के साथ छेड़खानी के आरोपों के चलते नरवाना नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी निलंबित

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जींद। महिला कर्मचारी से छेड़खानी में निलंबन के बाद बहाल हुए नरवाना नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) डॉ. सुरेश चौहान को निलंबित कर दिया गया है। पिछले सप्ताह ही महिला कर्मी ने छेड़खानी के आरोप लगाए थे। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। बाद में जमानत मिल गई थी। करीब दस महीने पहले भी आरटीआई का जवाब नहीं देने पर ईओ निलंबित हुए थे और दो महीने पहले ही बहाल होकर नरवाना में सेवाएं शुरू की थी। अब उनकी जगह जींद नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद को नरवाना का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
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कार्यालय की ही एक महिला कर्मी की शिकायत पर सात अप्रैल को महिला थाना पुलिस ने डॉ. सुरेश चौहान को गिरफ्तार किया था। अगले दिन उन्हें अदालत से जमानत मिल गई। ऐसे में बुधवार को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता ने उनके निलंबन का पत्र जारी किया है। उनके आदेशों के अनुसार जिस दिन उन्हें गिरफ्तार किया गया था, उसी दिन से उनका निलंबन माना गया है। महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि कार्यकारी अधिकारी उसे कार्यालय में अकेले में मिलने के लिए कहता था, तो कभी कार्यालय से बाहर मिलने के लिए कहता है। उसके वाट्सएप नंबर पर भी मेसेज भेजता है। प्रमाणपत्र जारी करने के लिए कार्यकारी अधिकारी के ही मोबाइल पर ओटीपी आता है। ओटीपी के लिए बार-बार उसे कार्यकारी अधिकारी के पास जाना पड़ता था।
यह भी आरोप लगाया था कि कार्यकारी अधिकारी ने ओटीपी देने की बजाय अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया और कार्यालय से बाहर मिलने के लिए उस पद दबाव बनाया। मामले में कार्रवाई करते हुए महिला थाना पुलिस ने डॉ. सुरेश चौहान को गिरफ्तार किया था। नरवाना के एसडीएम सुरेंद्र सिंह के अनुसार कार्यकारी अधिकारी के निलंबन का पत्र मिला है। यह कार्रवाई सरकार के स्तर पर हुई है।
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जींद ईओ के पास हुए तीन कार्यभार
वहीं जींद नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद के पास अब तीन नगर परिषदों का कार्यभार हो गया है। ऐसे में जींद नगर परिषद का काम प्रभावित होता स्वाभाविक है। राजेंद्र प्रसाद के पास इससे पहले भिवानी नगर परिषद का भी अतिरिक्त कार्यभार है। वे दो दिन भिवानी में देते हैं और पांच दिन जींद में। अब उन्हें नरवाना में भी समय देना होगा।
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