फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निजी लैब से जांच में पांच लोग और मिले डेंगू पॉजिटिव, स्वास्थ्य विभाग नहीं मानता

विज्ञापन
विज्ञापन
सतीश जागलान
विज्ञापन

जींद। जिले में डेंगू के मामले प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। यदि जांच का दायरा बढ़ाया जाए तो हर घर में डेंगू के केस मिल सकते हैं, लेकिन तीसरे दिन सैंपलों की जांच होती है और वह भी नाममात्र। यदि डेंगू पर काबू पाना है तो इसकी जांच के दायरे को बढ़ाए जाने की जरूरत है। बुधवार को जिले के पांच लोग ऐसे मिले, जिन्होंने स्वास्थ्य कर्मचारियों को अपनी निजी लैब की डेंगू पॉजिटिव की रिपोर्ट दिखाई लेकिन स्वास्थ्य विभाग केवल नागरिक अस्पताल में हुई जांच की रिपोर्ट को ही मानता है। इस वर्ष नौ महीने छह दिन में जिले के केवल 243 लोगों की ही डेंगू जांच हुई है, इनमें से 15 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यदि सैंपलों की संख्या अधिक होती तो डेंगू पॉजिटिव केस भी बहुत अधिक होते।
स्वास्थ्य विभाग केवल नागरिक अस्पताल की ही डेंगू रिपोर्ट को सही मानता है। नागरिक अस्पताल की लैब में तीसरे दिन सैंपलों की जांच होती है। एक दिन में जांच के लिए 12 सैंपलों की जरूरत होती है, लेकिन यहां केवल पांच से छह सैंपल ही आते हैं। वैसे भी डेंगू की जांच के लिए सैंपल को 24 घंटे तक रखा जाता है ताकि उसकी रिपोर्ट सही आ सके। जिले में 22 डेंगू पॉजिटिव मामले आ चुके हैं। दो केस नागरिक अस्पताल भिवानी से मिले थे, जो जींद के रिकॉर्ड में चढ़े हुए थे। अब जिले में 20 डेंगू के केस बचे हैं। इनमें से 15 केस तो नागरिक अस्पताल जींद में हुई जांच के मिले हैं जबकि पांच केस दूसरे जिलों से मिली रिपोर्ट में आए हैं। यह लोग जींद के रहने वाले हैं लेकिन इनका इलाज दूसरे जिलों में चल रहा है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉक्स
सितंबर में लिए गए 117 लोगों के सैंपल, नौ लोग मिले पॉजिटिव
महीना सैंपल लिए गए पॉजिटिव केस
जनवरी 6 0
फरवरी 3 0
मार्च 3 0
अप्रैल 6 0
मई 0 0
जून 22 0
जुलाई 10 0
अगस्त 38 0
सितंबर 117 9
अक्तूबर 38 6
बॉक्स
जिन लोगों में डेंगू के लक्षण मिलते हैं, उनकी जांच करवाई जाती है। बहुत कम लोग ही जांच के लिए आते हैं। काफी लोग निजी अस्पतालों में चले जाते हैं। निजी अस्पतालों की रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग मान्यता नहीं देता। इन लोगों को नागरिक अस्पताल में निशुल्क जांच करवानी चाहिए। लोगों से अपील है कि बुखार पीड़ितों को अपनी डेंगू जांच जरूर करवानी चाहिए।
- डॉ. तीर्थ बागड़ी, डिप्टी सिविल सर्जन मलेरिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें