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एनक्वास टीम ने किया बदहाल नागरिक अस्पताल का निरीक्षण

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नागरिक अस्पताल की सुविधाओं को सुधारने के लिए नेशनल क्वालिटी ऑफ एश्योरेंस की टीम ने निरीक्षण किया। इससे पहले भी टीम निरीक्षण कर चुकी है। हालांकि इस बार रिकार्ड में काफी सुधार मिला, लेकिन नागरिक अस्पताल में काफी खामियां मिली हैं। अब यह रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी, ताकि सुविधाओं में सुधार लाया जा सके। वहीं निरीक्षण के दौरान टीम को पीपी सेंटर में बिजली के तार खुले मिले और आपातकालीन वार्ड के वॉश बेसिन पर साबुन नहीं था। इस पर टीम के सदस्यों ने व्यवस्थाएं सुधारने को कहा।
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करीब दो महीने पहले भी एनक्वास टीम ने नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया था। उस समय ब्लड बैंक में कई खामियां मिली थीं। हालांकि इस बार काफी सुधार मिला। वहीं अस्पताल में पूरी तरह से अव्यवस्था का आलम रहा। अस्पताल में प्रवेश करते ही सीवर का गंदा पानी लोगों का स्वागत कर रहा है। इसमें मच्छर पनप रहे हैं, जो इलाज के लिए आने वाले लोगों को बीमार कर सकते हैं। एनक्वास टीम ने सुबह साढ़े दस बजे अस्पताल का निरीक्षण शुरू किया और दोपहर बाद तीन बजे तक हर कमरे व वार्ड में जाकर व्यवस्थाएं देखीं। टीम में शामिल पंचकूला की सिविल सर्जन डॉ. सरिता, सीनियर कंसल्टेंट सरोज, आरएमओ डॉ. गगन, डॉ. मोनिशा सबसे पहले सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचीं। इसके बाद पीपी सेंटर गईं। यहां पहुंची टीम ने जब महिलाओं से बात की तो उन्होेंने बताया कि पीपी सेंटर में कोई सुविधा नहीं है। यहां आने वाली महिलाओं के लिए बैठने तक की सुविधा नहीं है। इसके बाद जब टीम बाहर निकल रही थी तो गेट के पास ही खुले तार दिखे। इस पर टीम ने स्थानीय एनक्वास टीम को टोका और कहा कि तार ऐसे नहीं होने चाहिए। ऐसे में एनक्वास टीम को बताया गया कि बिजली का काम चल रहा है। टीम ने पीपी सेंटर में पीने के पानी की व्यवस्था की भी जानकारी ली। इसके बाद टीम आपातकालीन वार्ड में गई और यहां मौजूद दवा, स्टाफ की स्थिति, सफाई सहित तमाम व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद टीम ने प्रसूति विभाग सहित नई ओपीडी और रिकॉर्ड रूम को देखा। रिकॉर्ड रूम में भी व्यवस्था सुधारने को कहा।
जर्जर हो चुका है अस्पताल का भवन
एनक्वास टीम दौरा कर अस्पताल में सुविधाएं सुधारने का दम भर रही है, लेकिन नागरिक अस्पताल का पुराना भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इससे यहां काम करने वाले स्टाफ के साथ-साथ मरीजों व उनके तीमारदारों को खतरा है।
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कैसी क्वालिटी, नहीं है चिकित्सक
बेशक सरकार व स्वास्थ्य विभाग क्वालिटी सुधारने के लिए प्रयासरत है, लेकिन जींद का नागरिक अस्पताल चिकित्सकों की कमी से दो-चार हो रहा है। इसके चलते यहां आने वाले मरीजों को सही इलाज भी नहीं मिल पाता। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। वहीं कुल 56 स्वीकृत चिकित्सकों में से महज 16 पद ही भरे हुए हैं।
टीम ने वीरवार को निरीक्षण किया है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। टीम अपने सुझाव देगी और इसके अनुसार ही सुविधाओं को ठीक किया जाएगा। कुछ प्वाइंट बताए हैं, बाकी रिपोर्ट बाद में आएगी।
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डॉ. शशि प्रभा, सिविल सर्जन
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