जींद। रोडवेज डिपो कैशलेस सुविधा की ओर अग्रसर हो रहा है। 60 से 65 साल के वरिष्ठ नागरिकों को रोडवेज कर्मचारी वरिष्ठ नागरिक पास बनवाते समय नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी कार्ड) के लिए आवेदन करने को लेकर भी जागरूक कर रहे हैं। एनसीएमसी कार्ड बनवाने पर बुजुर्ग यात्रियों को खुले रुपयों को लेकर कोई परेशानी नहीं होगी।
बसों में 60 साल से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को किराये में 50 प्रतिशत छूट दी जाती है। आयु प्रमाण के तौर पर बुजुर्ग यात्री आधार कार्ड साथ में रखते हैं। आधार कार्ड देखकर परिचालक वरिष्ठ नागरिकों को आधी टिकट दे देता है, लेकिन कई बार परिचालकों और यात्रियों को खुले रुपयों को लेकर परेशानी होती है।
ऐसे में बुजुर्ग यात्रियों को अब नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड बनवाने बनावने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हालांकि महिला बुजुर्ग यात्रियों को आधार कार्ड देखकर ही आधी टिकट दी जा रही है। एनसीएमसी कार्ड के बाद वरिष्ठ नागरिक पास को उस पर लोड करवाने के लिए जींद डिपो या सफीदों और नरवाना उपकेंद्र जा सकते हैं।
क्या है एनसीएमसी कार्ड
यह एक स्मार्ट कार्ड है। इसके जरिए बुजुर्ग रोडवेज बस में सफर के लिए 50% छूट के साथ टिकट ले सकते हैं। जिन बुजुर्गों के पास पहले से हैप्पी कार्ड है, तो वे उसे सीनियर सिटिजन कार्ड में अपडेट करवा सकते हैं। एनसीएमसी बनवाने के बाद बुजुर्ग यात्री रोडवेज बसों में आधा किराये में यात्रा कर सकेंगे।
नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड बनवाने पर बुजुर्ग कैशलेस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। उन्हेंं खुले रुपयों को लेकर भी कोई दिक्कत नहीं होगी। हालांकि बुजुर्गों को आधार कार्ड देखकर परिचालकों द्वारा आधी टिकट दी जा रही है। अगर बुजुर्ग यात्री एनसीएमसी कार्ड बनवाते हैं तो उन्हें फायदा है।
राहुल जैन, रोडवेज महाप्रबंधक जींद डिपो।