जींद। नागरिक अस्पताल में तीन महीने से ई-उपचार योजना पूरी तरह से ठप पड़ी है। इस कारण मरीजों व चिकित्सकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ई-उपचार योजना ठप होने से मरीजों का रिकार्ड भी ऑनलाइन नहीं हो रहा है और न ही मरीजों का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन हो रहा। मरीजों को यदि चिकित्सक को एक्सरे दिखाना हो तो वह अपने मोबाइल फोन में ही दिखाना पड़ता है।
ई-उपचार योजना शुरू होने से नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों व मरीज दोनों ही सुविधा हो रही थी। मरीज का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होने के कारण उसका पूरा रिकार्ड भी ऑनलाइन मिलता था। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के कारण मरीजों का समय भी कम लगता है। इसी रजिस्ट्रेशन नंबर के माध्यम से मरीज का रिकार्ड कोई भी चिकित्सक किसी भी समय अपने कंप्यूटर पर देख सकता था। चिकित्सक के कंप्यूटर पर ही मरीज का एक्सरे, सीटी स्कैन आदि की रिपोर्ट मिल जाती थी। तीन महीने से नागरिक अस्पताल का ई-उपचार का सर्वर खराब पड़ा है। इस कारण मरीजों का डॉटा ऑनलाइन नहीं हो रहा है। इसके अलावा मरीजों के एक्सरे भी ऑनलाइन नहीं हो पा रहे हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा मैनुअल रजिस्ट्रेशन स्लिप बनानी पड़ रही है। नागरिक अस्पताल में रखा ई-उपचार का सर्वर खराब है, जिस कारण यह सेवा ठप पड़ी है।
मरीजों को हो रहा नुकसान
ई-उपचार योजना ठप होने के कारण सबसे ज्यादा नुकसान मरीजों को हो रहा है। सर्वर ठप होने के कारण मरीजों का डॉटा ऑनलाइन नहीं हो रहा। इस कारण जब मरीज बार-बार अस्पताल में आता है तो चिकित्सकों को यह पता नहीं चल पाता कि पहले उसके इलाज में किन दवाओं का प्रयोग किया था। कई बार मरीज पुरानी स्लिप खो भी देता है, जिस कारण समस्या और गंभीर हो जाती है। ऑनलाइन रिकार्ड होने के कारण मरीज जब भी दूसरी स्लिप बनाता है तो उसका पुराना रिकार्ड नंबर ही उस स्लिप पर चढ़ा दिया जाता है, जिससे उसके पूरे उपचार की हिस्ट्री मिल जाती है।