जींद। केंद्र सरकार की ओर से गठित नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्वास) की टीम ने शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी नागरिक अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि कोरोना काल के दौरान पुरानी बिल्डिंग में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड को खत्म कर उचाना आरटी पीसीआर लैब का सामान रखा जा रहा है। इस पर टीम ने सवाल उठाया और कहा कि अगर कोरोना जैसी बीमारी ने एकदम से फिर दस्तक दे दी तो कैसे मरीजों को उपचार दिया जा सकेगा। अगर अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो अस्पताल बंद करने तक की नौबत आ जाएगी।
टीम ने अपनी दो दिवसिय निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की और दिल्ली के लिए रवाना हो गई। अब टीम ने निरीक्षण रिपोर्ट अपने उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि रिपोर्ट में जींद अस्पताल स्वास्थ्य मानकों पर खरा उतरा है या नहीं। टीम ने शुक्रवार सुबह ही निरीक्षण की शुरुआत की। दूसरे दिन भी अस्पताल का निरीक्षण कर फीडबैक लिया गया। दूसरे दिन भी प्रति बैड डॉक्टर और नर्स की संख्या, ओटी में एयर फिल्टर, तापमान, इंफेक्शन कंट्रोल के उपाय, क्लीनिक सेवाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर, पेशेंट वेटिंग एरिया, अस्पताल में वेंटिलेशन, सफाई व्यवस्था सीसीटीवी कैमरे, बायो वेस्ट, ऑक्सीजन आदि बिंदुओं पर निरीक्षण किया। टीम शाम तक अस्पताल की व्यवस्थाओं को जांचा व फिर दिल्ली के लिए रवाना हो गई। एनक्वास टीम को अस्पताल में ऐसी कोई जगह नहीं मिली, जहां खामियां नहीं मिली हों। टीम ने अस्पताल की ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड, प्रसूति वार्ड और फार्मेसी का निरीक्षण किया। कहीं बिल्डिंग में सीलन मिली तो कहीं दवाइयों के रख रखाव ठीक नहीं मिला। कहीं कबाड़ का सामान खुले में पड़ा था तो कहीं चिकित्सकों के कमरे के बाहर लंबी लाइनें लगी थी। स्वास्थ्य स्टाफ से पूछताछ की तो वो भी सही तरीके से जवाब नहीं दे पाए। स्टाफ नर्स से रिकॉर्ड रजिस्टर को सही से मेंटेन करने के निर्देश दिए। इसके अलावा फंडिंग को लेकर भी स्वास्थ्य अधिकारियों ने टीम के समक्ष दुखड़ा रोया। डॉ. गगनदीप कौर ने कहा कि टीम ने दो दिवसीय निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसे दिल्ली उच्च अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
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जल्द तैयार करवाया जाएगा आइसोलेशन वार्ड : डॉ. भोला
नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि एनक्वास की टीम ने अपना दो दिवसीय निरीक्षण पूरा कर लिया है। टीम द्वारा अस्पताल की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए जो सुझाव दिए गए हैं, उन पर कार्रवाई की गई है। फिर से आइसोलेशन वार्ड बनाए जाने को लेकर जगह का चयन किया जा रहा है। जल्द ही आइसोलेशन वार्ड बनाया जाएगा।