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किलोमीटर स्कीम वाली बसों के चालकों को करवाना होगा मेडिकल टेस्ट

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जींद। राज्य परिवहन हरियाणा की बसों की दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे आमजन को जान माल की हानि हो रही है, वहीं दूसरी ओर रोडवेज को भी आर्थिक हानि का सामना करना पड़ रहा है। इससे विभाग की छवि भी खराब हो रही है। ऐसे में मुख्यालय ने डिपो के किलोमीटर स्कीम सहित सभी चालकों का मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क कर आंखों का टेस्ट व मेडिकल फिटनेस टेस्ट करवाने के निर्देश दिए हैं।
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हालांकि पिछले कई दिनों में रोडवेज बसों की दुर्घटनाओं के मामले ज्यादा आए हैं, जिनमें किलोमीटर स्कीम की बसें शामिल हैं। इन बसों पर चालक परिवहन समिति का ऑप्रेटर होता है, वहीं परिचालक रोडवेज कर्मचारी होता है। बसों के डीजल और रख-रखाव का खर्च परिवहन समिति द्वारा वहन किया जाता है। रोडवेज द्वारा किलोमीटर स्कीम की बसों को 35 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से अदा किए जाते हैं। जींद डिपो में किलोमीटर स्कीम के तहत 37 बस शामिल संचालित हैं, जो ज्यादातर लंबे रूट पर चल रही हैं। किलोमीटर स्कीम की एक बस दिनभर में 400 किलोमीटर तय करती है। अनट्रेंड चालकों की वजह से हादसे हो रहे हैं और किलोमीटर स्कीम की बसों में मालिकों द्वारा अनफिट चालकों को भर्ती किया जा रहा है, जो गलत है।
मुख्यालय की ओर से निर्देश मिले हैं कि किलोमीटर स्कीम सहित सभी चालकों के आंखों के टेस्ट और मेडिकल फिटनेस टेस्ट करवाए जाएंगे। पिछले दिनों सडक़ दुर्घटनाओं के मामले सामने आए थे। इसके चलते मुख्यालय ने यह निर्देश जारी किए हैं ताकि यदि चालक फिट नहीं हैं तो उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दी जा सके और सडक़ दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाई जा सके।
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-अशोक कौशिक, रोडवेज महाप्रबंधक, जींद डिपो।
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