जींद। ऑटो रिक्शा यूनियन ने प्रधान बलजीत रेढू की अध्यक्षता में शुक्रवार को शहर के अंदर से गुजरने वाली बसों को बंद करवाने की मांग को लेकर डीसी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग उठाई कि सभी बसों का संचालन बाईपास से किया जाए, ताकि शहर में जाम की समस्या से मुक्ति मिले और ऑटो संचालकों का गुजारा ठीक से चल सके। साथ ही चेताया कि मांग नहीं मानी गई तो पांच अक्तूबर को शहर में ऑटो का चक्का जाम करेंगे।
ऑटो रिक्शा यूनियन के प्रधान बलजीत रेढू ने बताया कि शहर के अंदर से बसों के चलने से तीन हजार ऑटो रिक्शा चालकों को परेशानी बनी हुई है। जिसके चलते उनके परिवार का गुजारा होना मुश्किल बना हुआ है। अगर बसों का संचालन बाईपास से शुरू करवा दिया जाए तो ऑटो रिक्शा संचालकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और उनके परिवार का गुजारा भी आसानी से चलेगा। 24 सितंबर को प्रशासन द्वारा निर्णय लिया गया था कि सभी बसों को बाईपास से गुजारा जाएगा, लेकिन वह अब तक लागू नहीं हुआ। इस निर्णय को शीघ्र लागू करवाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र ही यह निर्णय लागू नहीं करवाया गया तो पांच अक्तूबर को वह हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।
वीरवार को विद्यार्थियों ने बसें शहर से गुजारने की उठाई थी मांग
शहर से बसें गुजारने की मांग को लेकर वीरवार को विद्यार्थियों ने डेढ़ घंटा तक बस अड्डे पर ताला लगाए रखा। विद्यार्थियों का कहना था बसों के शहर के अंदर से नहीं चलने पर उन पर किराये की दोहरी मार पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्र से शहर में शहर में पढ़ने आते हैं और उनके शिक्षण संस्थान और कोचिंग शहर के अंदर गोहाना रोड पर हैं। रोडवेज बस शहर के अंदर से नहीं जा रही हैं, जिसके चलते उन्हें बस अड्डे पर उतरना पड़ता है और उन्हें 20 रुपये अतिरिक्त किराया देकर ऑटो से शिक्षण संस्थान तक जाना पड़ता है। इस पर रोडवेज महाप्रबंधक ने लोकल रूट की बसों को शहर से अंदर से गुजारे जाने के आदेश दिए थे।